जिला संवाददाता बस्ती
अधूरे शौचालयों के साथ जिम्मेदारों ने जिले को खुले में शौच मुक्त यानी (ओडीएफ) घोषित कर दिया हैं। ग्राम पंचायतों में बनने वाले शौचालयों में धड़ल्ले से नियमों की अनदेखी की जा रही है। बनने के तुरंत बाद ही शौचालय खस्ताहाल हो जा रहे हैं। अब विभागीय अधिकारियों ने भौतिक निरीक्षण कर कार्रवाई का संकेत दिया है।
जिले में कुल ग्राम 1235 ग्राम पंचायतें व 3348 गांव हैं जिनमें से करीब 1125 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। शेष भी लगभग इसी कगार पर हैं।
यदि इसकी जमीनी हकीकत पर गौर करें तो सिर्फ कागजों में ही जिला ओडीएफ होने के कगार पर है। जिन ग्राम पंचायतों में शौचालय बने हैं, उनमें से कई तो उपयोग के लायक ही नहीं हैं। जिम्मेदारों ने मानकों की अनदेखी करते हुए आनन फानन में कहीं गड्ढा खोदवा दिया तो आगे निर्माण कार्य हुआ ही नहीं।
कहीं-कहीं दीवार खड़ी हो गई तो छत के पैसे ही नहीं दिए गये। जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारियों के साथ लाभार्थी भी गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाया है। कुछ लाभार्थी शौचालय का धनराशि निकाल लिए महीनों बीतने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।जिसके चलते सरकार का खुले में शौच मुक्त भारत होने का सपना अधूरा प्रतीत हो रहा है।




No comments:
Post a Comment
तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।