ब्यूरो कानपूर -रवि गुप्ता
देश मे सबसे ज्यादा रेवेन्यू देने वाला टेनरी उद्योग इस वक्त खुद रोजगार
ढूढने के लिए विवश हो गया है लगतारा एनजीटी और सरकारी दबाव के चलते कानपुर
की सभी टेनरियां पूरी तरह बंद पड़ी है यह सब प्रयागराज में चल रहे कुम्भ की
वजह से हुआ है कानपुर की लेदर इंडस्ट्री पर दो माह से तालाबंदी किये
जाने के विरोध में मंगलवार को लेदर इंडस्ट्री के मालिक व मजदूरों
ने सरकार के इस फैसले के बाद अब सड़क पर उतरकर अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे
है।
टेनरी
मालिको का कहना है कि सरकार बेवजह हमारे चमड़ा उद्योगों को खत्म करना चाहती
है। और जिस गंगा को लेकर वह यह कार्यवाई कर रही है वह हमारी भी मां है। और
जितना ख्याल सरकार गंगा का रखती है उतना ही ख्याल गंगा का हम टेनरी के
मालिक रखते है और हम लगातार सरकार को राजस्व भी चुका रहे है लेकिन सरकार ने
अपनी गलती छुपाने के लिए सरकार हम लेदर इंडस्ट्रियों को समय समय पर
तालाबन्दी कर परेशान कर रही है। आज जाजमऊ में संयुक्त मोर्चा चर्म उद्योग
सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई का एलान करते हुए आज ददामियाँ मजार से लेकर
पुरानी चुंगी तक एक विशाल प्रदर्शन करते हुए शांति मार्च निकालकर अपना
आक्रोश जताया। लेदर इंडस्ट्री के समय समय पर बंद हो जाने से टेनरियों से
जुड़े समस्त कारोबारी ,मजदूर भुखमरी की कगार पर आ गए हैं जिसके चलते अब
लोगों को घर में रोजी रोटी के लाले पड़ गए हैं
चर्म
उद्योग के प्रेजिडेंट फकर अहमद ने बताया कि पिछले 2 माह से लेदर इंडस्ट्री
बन्द पड़ी हुई है जिससे लगभग 5 लाख मजदूरों का जीवन यापन चौपट हो गया है हम
सभी टेनरी के मालिकों और मजदूरों ने आज शांति मार्च निकालकर अपना विरोध
जताया है ओर मांग की है कि प्रदूषण के नाम पर शोषण बंद हो बन्द पड़ी हुई टेनरियों को खोला जाए जिससे मजदूर भाइयो का जीवन यापन सुचारू रूप से चलता रहे।


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