रीतू श्रीवास्तव@तहकीकात न्यूज प्रभारी
सुल्तानपुर: यू तो गरीबो का खून पसीना बहाकर इनकी
मेहनत के बल बूते पर अपने स्वार्थ की दीवाल खड़ी तो धनाढय लोग बिलन्दियो को
छू कर बड़ी बड़ी महारत हासिल कर रहे हैं। परन्तु इन्ही मजदूरो के प्रति जरा
भी दरिया दिली दिखाकर इनका तनिक भी ख्याल नही रखते है। इसी बात का उदारण
हैं। सुल्तानपुर जिले के विकास खण्ड कूरेभार अंतर्गत पूर्वी छोर पर
स्थित ग्रामसभा रामनाथपुर, थाना कूरेभार में विगत पांच माह पूर्व दैनिक
मजदूरी कर पत्नी सहित 07 बच्चों की जीविका चला रहा 40 वर्षीय व्यक्ति
विरसिंहपुर फीडर के अंतर्गत जयसिंहपुर क्षेत्र के सेमरी बाजार चोरमा गांव
में ट्रांसफार्मर लगा रहा था कि तभी विद्युत सप्लाई चला देने से करंट की
चपेट में आकर गम्भीर रूप से झुलस गया। जिसे विद्युत कर्मियो ने जिला
अस्पताल में भर्ती कराकर मौके से नौ दो ग्यारह हो गये। इसी दौरान एक जिपंस
ने कड़ी मेहनत कर जिला अस्पताल, लखनऊ ट्रामा सेन्टर व जिले के एक निजी
नर्सिगहोम में उक्त मजदूर का स्वयम् के खर्च से इलाज करवाकर जान तो बचा
दिया।
परन्तु कई बाद भी कोई भी जिम्मेदार प्रशासनिक अमला इस पीड़ित व्यक्ति
की मदत को नही पहुँचा। जिसके कारण यह पीड़ित दवा इलाज व पूरा परिवार भुखमरी
के दौर से गुजर रहा है। जिसकी सुधि लेने वाला कोई नही है।मामला घटनाक्रम के
अनुसार विगत वर्ष 2 अगस्त 2018 को ब्लाक कूरेभार क्षेत्र के रामनाथपुर
गांव निवासी दैनिक मजदूरी कर रहा झिनकाने (40)पुत्र सिद्धू ने बताया
कि विरसिंहपुर फीडर के अंतर्गत जयसिंहपुर क्षेत्र के सेमरी बाजार चोरमा
गांव में विद्युत विभाग के जेई मनीष वर्मा के कहने पर विद्युत का कार्य
करने गया। जैसे ही झिनकाने खम्भे पर चढ़कर ट्रांसफार्मर लगाकर उतर ने ही
वाला था कि तभी अचानक विद्युत लाइन की सप्लाई चालू कर दिया गया। जिसके कारण
झिनकाने विद्युत करंट की चपेट में आकर गम्भीर रूप से झुलस कर खम्भे से
नीचे गिरपड़ा। तो ग्रामीणों में हड़कम्प सा मच गया। इस बीच जब घटना की
जानकारी विद्युत विभाग के जेई व अन्य कर्मियो को हुयी तो घटना स्थल पर
पहुँच कर ग्रामीणों की मदत से करंट से घायल मजदूर झिनकाने को जिला अस्पताल
में भर्ती कराकर नौं दो ग्यारह हो गये।
तो जिला अस्पताल में मौत से जिंदगी
के लड़ाई लड़ रहा झिनकाने की हालत जब अति गम्भीर हो गयी तो डाक्टर ने बेहतर
इलाज के लिये लख़नऊ ट्रामा सेन्टर रेफर कर दिया। इसी बीच अवश्यक कार्य से
जिला अस्पताल पहुँचे जिला पंचायत सदस्य धर्मेन्द्र सिंह की नजर इस गरीब
मजदूर पर पड़ी और इनकी इंसानियत जाग उठी। मौत से लड़ रहे इस मजदूर को मानो
जैसे की तिनके को सहारा मिल गया हो। और तत्काल झिनकाने को लेकर लखनऊ में
भर्ती कराकर निजी खर्च से पूरा दवा इलाज करवाया। इस विद्युत स्पर्धा घात से
पूरा शरीर झुलस जाने के कारण झिनकाने को अपना दाहिना हाथ गवाना पड़ गया। इस
घटना ने पीड़ित झिनकाने को द्वियांग बना दिया। जब उक्त मजदूर की हालत में
सुधार हुआ तो घटना की जानकारी परिजनों ने जिला पंचायत सदस्य धर्मेन्द्र
सिंह को बताया। इसके बाद से धर्मेन्द्र सिंह ने इस परिवार का पूरा जिम्मा
उठाते हुये सुल्तानपुर में सुप्रसिद्ध सर्जन डा एके सिंह से वार्ता कर इलाज
करवा रहे है। इस पीड़ित परिवार का आलम यह है कि रामनाथपुर गांव में 40
वर्षीय झिनकाने अपनी पत्नी शारदा देवी (36) व बच्चों में पुत्री सुमन (18),
शिवानी (16), शिवांगी (14), निष्टि (11) व पुत्र कृष्णा (07), किशन (06),
गुड़िया (6 माह) के साथ दैनिक मजदूरी कर अपने जीविका चला रहा था कि अचानक इस
परिवार में दुःख व मुसीबतो का पहाड़ गिर पड़ा है। यह पूरा परिवार छप्पर नुमा
घर में जीवन बिता रहा इस परिवार के पास दो वक्त की रोटी भी ठीक से नसीब
नही हो पारही है।
यहाँ तक कि महज भाषण बाजी कर वोट की राजनीती करने वाले
जनप्रतिनिधियों व जिला प्रशासन के कानो में जू तक नही रेंग रही है।
वही
ग्राम प्रधान भरतराम व गांव में तैनात विकास कर्मी दिलीप पाठक ने भी इस
पीड़ित के प्रति जरा भी संवेदना दिखाने की जहमत नही उठाई है। जिसके कारण
ग्रामीणों में खासा आक्रोश व्याप्त है। मुसीबत से गुजर रहे इस परिवार के
आँखो से पीड़ा के आँसू थमने का नाम नही लेरही है। यही नही इस गांव का कोटा
अन्यत्र दूसरे गांव में सम्बद्ध होने के कारण कोटेदार भी दो वक्त का राशन
भी इस पीड़ित परिवार को देना जरूरी समझ रहे है। इस प्रकरण में विद्युत विभाग
के अधिकारियो सहित किसी ने भी कोई मदत नही किया। वही यू तो कहने को सरकार
की तमाम योजनाये संचालित हो रही है। पर जब एक पीड़ित परिवार की कोई सुधि नही
लेरहा है तो जिले में अन्य कई ऐसे परिवार होंगे जो आज भी इस तरह की
मुसीबतो से गुजर रहें होंगे। जिसका अंदाजा स्वतः लगा ले कि ऐसी सरकारी
योजनाओ का क्या मतलब है जो किसी जरूरत मन्द व गरीब के काम न आसके।
सीडीओ ने लिया संज्ञान, यथा सम्भव मदत का दिया आश्वाशन…
इस दौरान जिला मुख्य विकास अधिकारी राधेश्याम ने इस मामले को
गम्भीरता पूर्वक संज्ञान में लेते हुये कहा कि पीड़ित की जांच कराकर हर
प्रकार से यथा सम्भव मदत दिलाने का आश्वाशन दिया।
गरीबो की मदत करना ही जीवन का उदेश्य- जिपंस धर्मेन्द्र सिंह…
इस घटना के मामले में जिला पंचायत सदस्य धर्मेन्द्र सिंह का
कहना है कि इंसानियत नाम की भी कोई चीज होती है। इनके जीवन का उदेश्य ही
गरीबो की मदत करना है। क्षेत्र में यदि को भी गरीब या परेसान व्यक्ति है तो
हर सम्भव मदत करने पर तत्पर रहते है। ईश्वर ने जीवन इसी लिये दिया है कि
एक दूसरे की मदत कर सके।

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