कृपा शंकर चौधरी
कोरोना महामारी दौर मे विश्व पटल पर आनंद मार्ग यूनिवरसल रीलीफ टीम
कोविड 19 कोरोना महामारी ने विश्व के 200 से ज्यादा देश को प्रभावित किया है। लाखो लोगों की मृत्यु हो चुकी हैं और करोड़ों लोग संक्रमित हैं। लगभग हर देश इस महामारी से अपने देश के नागरिकों को बचाने की कोशिश में लगा है। विश्व के सेवाभाव रखने वाले व्यक्तिगत या समूह मे गरीब, निरीह मनुष्यों के सेवा में अपने-अपने स्तर से अलग अलग क्षेत्रों मे कार्य कर रहे हैं।
मनुष्य की ही नही ब्रम्हांड के प्रत्येक जीव के प्रति स्नेह और सेवा की बात की जाए तो आनंद मार्ग यूनीवर्सल रिलीफ टीम का नाम भी लेना होगा। भारत मे उपजी यह टीम संसार के तमाम देशों मे अपने कार्य के बदौलत प्रसंशा की पात्र रही है। बड़े बड़े देशों के राजनायिकों द्वारा इसके उतकृष्ट कार्यों के कारण सराहना की गई हैं।
कोविड 19 कोरोना महामारी के दौरान भी आनंद मार्ग यूनिवरसल रीलीफ टीम के द्वारा भारत ही नही बल्कि तमाम देशों में अपना रीलीफ कार्य जारी है।देश की बात करें तो दक्षिण अफ्रीका में आनंद मार्ग का हास्पिटल और रिसर्च सेंटर कार्य कर रहा है।इसके अलावा न्यूजीलैंड , फिलीपींस , ब्राजील , अमेरिका आदि देश मे सेवा कार्य जारी है।
भारत की बात करें तो लगभग प्रत्येक राज्य में गरीबों को भोजन उपलब्ध कराने का कार्य हो रहा है। बिहार के पटना मे इस टीम द्वारा अभी तक 35000 से ज्यादा लोगों को राहत देने का कार्य किया गया है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुरूष और महिला दोनों टीमों द्वारा सेवा कार्य किया जा रहा है। भारत मे हो रहे कार्य को जिलेवार दर्शाने मे लिस्ट काफी लम्बी हो जाएगी।
भारत में उपेक्षा का कारण
आनंद मार्ग से निकले इस भाग का कार्य सेवा मूलक है जबकि आनंद मार्ग क प्रवर्तक श्री प्रभात रंजन सरकार (श्री श्री आनंद मूर्ति) के द्वारा आत्म मोक्षार्थम जगत हिताय च की डगर पर चलते हुए विश्व बंधुध्त्य कायम करने की बात कही गई है। भारत की सरकारों द्वारा शुरू से ही धर्म और जाती के नाम पर राजनीति करने के कारण आनंद मार्ग के विचार की प्रशंसा से सत्ता जाने का खतरा देखा गया अपितु सरकारों ने किनारा कसना ही उत्तम समझा। आज विश्व में अपनी पहचान बनाने वाली इस संस्था को भारत में उपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा है।
उपेक्षा की सबसे बड़ी वजह प्रभात रंजन सरकार द्वारा प्रगतिशील उपयोग तत्व (प्रउत)का देना है। दरअसल प्रउत का समर्थन करने पर पूजीपतियों , मठाधीशों , मौलीबियों की दुकान बंद होने का खतरा है जिससे शुरू से ही प्रउत का विरोध किया गया। प्रउत गरीबों और शोषण रहित समाज और सरकार बनने के पक्षधर हैं।
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