लखनऊ - सत्य प्रकाश चौधरी
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने प्रदेश सरकार को डेंगू की रोकथाम में असफल बताते हुये कहा कि राजधानी लखनऊ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में रोज के रोज डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, केवल राजधानी में डेंगू की मरीजों की संख्या 157 हो चुकी है।
राज्य सरकार उपचार में कोताही बरत रहे निजी अस्पतालों व सरकारी अस्पतालों के प्रति कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि डेंगू जैसी महामारी से निपटने की ओर सूबे के मुख्यमंत्री का कोई ध्यान नहीं है। उनका ध्यान केवल मन्दिर-मस्जिद और हिन्दू-मुसलमान में लगा हुआ है क्योंकि उन्हें राजनीतिक स्वार्थ नजर आ रहा है प्रदेश के हालात से उनका कोई लेना देना नहीं है। दुबे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गत तीन दिनों में ही डेंगू पीडि़तों के 11 नये मरीज आये हैं।
यू0पी0 के बाढ प्रभावित जिलों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का अंदेशा पहले से ही था लेकिन सरकार व स्वास्थ्य विभाग ने इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया न ही फांगिग की गई और न ही मलेरिया और डेंगू के लार्वा की जांच की गई जिससे धीरे धीरे माहवारी का रूप ले लिया। उन्होंने कहा कि उ0प्र0 में इन दिनों संक्रामक बुखार ने खूब पैर पसार लिये वायरल फीवर, मलेरिया और डेंगू से अब तक सैकड़ो लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन प्रदेश सरकार अब तक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए कोई ठोस कारगर उठाने में नाकाम साबित रही है जिससे सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रष्न चिन्ह लगता है।
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग करते हुये कहा कि डेंगू व अन्य संक्रामक बुखार से निपटने के लिए युद्व स्तर पर कार्ययोजना बनायें और सरकारी अथवा निजी अस्पतालों में डेंगू की जांच व उसके उपचार हेतु एक विशेष टीम गठित करें जिससे डेंगू के मरीजों की पुष्टि आसानी हो सके और समय रहते उनकी जान बचायी जा सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक चिकित्सालयों में दवाई और डाक्टरों की पर्याप्त व्यवस्था करायें जिससे प्राथमिक उपचार सुलभ हो सके। एण्टी लार्वा के छिड़काव के साथ साथ फांगिंग की भी व्यवस्था सुनिष्चित करें।
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने प्रदेश सरकार को डेंगू की रोकथाम में असफल बताते हुये कहा कि राजधानी लखनऊ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में रोज के रोज डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, केवल राजधानी में डेंगू की मरीजों की संख्या 157 हो चुकी है।
राज्य सरकार उपचार में कोताही बरत रहे निजी अस्पतालों व सरकारी अस्पतालों के प्रति कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि डेंगू जैसी महामारी से निपटने की ओर सूबे के मुख्यमंत्री का कोई ध्यान नहीं है। उनका ध्यान केवल मन्दिर-मस्जिद और हिन्दू-मुसलमान में लगा हुआ है क्योंकि उन्हें राजनीतिक स्वार्थ नजर आ रहा है प्रदेश के हालात से उनका कोई लेना देना नहीं है। दुबे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गत तीन दिनों में ही डेंगू पीडि़तों के 11 नये मरीज आये हैं।
यू0पी0 के बाढ प्रभावित जिलों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का अंदेशा पहले से ही था लेकिन सरकार व स्वास्थ्य विभाग ने इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया न ही फांगिग की गई और न ही मलेरिया और डेंगू के लार्वा की जांच की गई जिससे धीरे धीरे माहवारी का रूप ले लिया। उन्होंने कहा कि उ0प्र0 में इन दिनों संक्रामक बुखार ने खूब पैर पसार लिये वायरल फीवर, मलेरिया और डेंगू से अब तक सैकड़ो लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन प्रदेश सरकार अब तक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए कोई ठोस कारगर उठाने में नाकाम साबित रही है जिससे सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रष्न चिन्ह लगता है।
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग करते हुये कहा कि डेंगू व अन्य संक्रामक बुखार से निपटने के लिए युद्व स्तर पर कार्ययोजना बनायें और सरकारी अथवा निजी अस्पतालों में डेंगू की जांच व उसके उपचार हेतु एक विशेष टीम गठित करें जिससे डेंगू के मरीजों की पुष्टि आसानी हो सके और समय रहते उनकी जान बचायी जा सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक चिकित्सालयों में दवाई और डाक्टरों की पर्याप्त व्यवस्था करायें जिससे प्राथमिक उपचार सुलभ हो सके। एण्टी लार्वा के छिड़काव के साथ साथ फांगिंग की भी व्यवस्था सुनिष्चित करें।
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