मंडल बस्ती ब्यूरो
क्रय केंद्रों पर लटक रहे ताले धान खरीद ठप ,किसानों को नहीं मिल पा रहा उपज का वाजिब मूल्य धान खरीद केंद्रों की संख्या 150 चालू हुआ 16 मंडल में धान खरीद लक्ष्य 154600 मी टनपहले पखवारे में धान खरीद अभियान धराशाई हो गया है।किसान अपनी उपज बिचौलियों के हाथों औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हैं।अभी तक बस्ती मंडल में खरीद में कोई खास प्रगति नहीं है। सरकारी दावे बेमतलब साबित हो रहे है।
खरीद केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। जानकारी के अनुसार मंडल भर में अभी महज 16 क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू हुआ है। 134 केंद्र अब भी बंद पड़े हुए हैं। बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर में एक फीसद भी खरीद नहीं हो पाई।रबी फसल की बुआई के लिए खेतों की तैयारी खाद बीज खरीदने के लिए किसानों को पैसे की जरूरत है। जिसके लिए धान की बिक्री करके अगली फसल पैदा करने के लिए पूंजी लगाएगा। जबकि किसानों को उपज बेचने के लिए दर दर भटक रहा हैं।
मंडल में इस बार 154600 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित हुआ है। विभिन्न एजेंसियों के 150 क्रय केंद्र संचालित किए गए। तीनों जनपदों में अभी अधिकांश केंद्र किसानों के लिए कारगर नहीं हो पाए। बस्ती में खाद्य विभाग के 14 में से 13 केंद्रों पर 73 एमटी धान की खरीद हुई है। इसके अलावा पीसीएफ के 39, पीसीयू के 4 और कल्याण निगम के 2 केंद्र शून्य अवस्था में हैं। इन एजेंसियों ने खरीद ही नहीं शुरू की। संतकबीरनगर में खाद्य विभाग के 8 में से केवल एक केंद्र पर 5 एमटी धान खरीदा गया है।
इसके अलावा पीसीएफ के 30 और यूपी एग्रो के एक केंद्र पर खाता नहीं खुल पाया है। सिद्धार्थनगर में खाद्य विभाग के 12 में से 2 केंद्र पर 40 एमटी धान की खरीद हो पाई है। पंजीकृत सहकारी समितियों के 5, पीसीएफ के 31, यूपी एग्रो के एक और कल्याण निगम के 3 क्रय केंद्रों के खरीद का ग्राफ शून्य है। दर असल खरीद की सर्वाधिक जिम्मेदारी पीसीएफ के पास है। पिछले सप्ताह सीएम की वीडियो कांफ्रेंसिग में पीसीएफ अधिकारियों ने क्रय केंद्र संचालित होने का दावा किया था। पंरतु धरातल पर ऐसा कुछ भी नहीं है। कम खरीद की एक वजह यह भी है।

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