रिपोर्ट - विशाल सिंह
केंद्र सरकार द्वारा हर गांव मे बिजली पहुचाने के लिए चलाई जा रही सौभाग्य योजना अब उन्नाव जिले के बिजली विभाग अधिकारियों को फर्जी लगने लगी है ।कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को सौभाग्य योजना का लाभ तो मिला लेकिन बिजली विभाग के भ्रस्ट अधिकारियों ने चेकिंग के नाम पर उपभोक्ता के घर सौभाग्य योजना के तहत लगे मीटर को फर्जी बता कर उपभोक्ता पर बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज करा दिया ।
बिजली विभाग की इन कारगुजारियों से जनता त्रस्त हो चुकी है और सरकार के नुमाइंदे ही सरकार की योजनाओं को फर्जी बताकर जेब भरने का काम कर रहे है । बिजली योजना के अंतर्गत लगे बिजली कनेक्शन को फर्जी बताने वाले अधिकारी न सिर्फ गरीबो पर बल्कि पीएम मोदी की योजना को फर्जी बताने का काम कर रहे है अब देखना ये है कि ऐसी हरकत करने वाले विभाग पर क्या कार्यवाही होती है ये आने वाला समय ही बताएगा ।पीड़ित ने बताया कि SDO साहब बोले कि ये रसीद फर्जी है रसीद लेकर जाइये और भुगतान भरिये अन्यथा तुमको जेल भेज दिया जाएगा
महीने बदलेंगे,साल बदलेंगे लेकिन उन्नाव का विद्युत विभाग अपनी हरकतों से बाज नही आएंगे। ये कहावत विजली विभाग पर सटीक बैठती है। जहा प्रधानमंत्री हर घर विजली पहुचाने के लिए प्रयासरत है। लेकिन उन्नाव जिले के हसनगंज तहसील के बारा खेड़ा गांव में एसडीओ निखिल जायसवाल व अवर अभियंता आरके सिंह ने बिजली चोरी के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया लेकिन चेकिंग अभियान महज एक दिखावा साबित हुआ। गांव में उपभोक्ताओं के घरो में सौभाग्य योजना के तहत लगे मीटर को फर्जी बता कर उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज करा दिया। खास बात तो यह देखने को मिली जब सौभाग्य योजना का लाभ रामकली पत्नी महाबली को मिला, लेकिन कनेक्शन होने के बावजूद भी अवर अभियंता ने मुकदमा पंजीकृत करा दिया जबकि मौके पर रामकली ने कनेक्शन की रसीद दिखाई लेकिन अवर अभियंता मानने को तैयार नही हुए। और उपभोक्ता पर मुकदमा दर्ज करा दिया। पीड़ित लगातार आलाधिकारियों से न्याय की फरियाद लगाता रहा लेकिन उसकी सुनवाई किसी ने नही की पीड़ित ने बताया कि SDO साहब बोले कि ये रसीद फर्जी है रसीद लेकर जाइये और भुगतान भरिये अन्यथा तुमको जेल भेज दिया जाएगा
मैं गया था मेरे पिता जी की तबियत खराब थी उनको लेकर लखनऊ चला गया था और उसी बीच ये आ गए 2-3बजे चेक करने के लिए जबकि घर की औरतें बता रही थी कनेक्शन है लेकिन इन्होंने कोई बात सुनी नही इन्होंने एफआईआर मेरे नाम कर दिया जोकि पेपर में गजट हो गया और बाद कह रहे थे कि जो बिल आया है वो जमा करना पड़ेगा औऱ इतना इतना पैसा दो 25-25 हजार रुपये जी मेरा कनेक्शन था हम घर पर थे नही पिता जी की तबियत खराब थी मैं उनको लेकर लखनऊ चला गया था 28 तारीख को कम्प्लीट हुई और 29 तारीख को इन्होंने चेक कराई कहने लगे ये रसीद फर्जी है ये रसीद लेकर जाइये जो भुगतान बताया जाए वो भुगतान दीजिये अन्यथा जो है तुमको जेल भेज दिया जाएगा ये सब sdo साहब बोले निखिल जायसवाल
प्रकरण संज्ञान में आया है उसमे एफआईआर की तिथि और सौभाग्य योजना की रसीद दी गई है उस पर तिथि अंकित होगा जो आयोग होंगे उनकी जांच कर लेंगे और यदि जानबूझ कर के विद्युत विभाग की लापरवाही की वजह से किसी पर एफआईआर हुई है तो एसएचओ को मैं निर्देश कर दूंगा की उसकी जांच करके अगर वो अनावश्यक उस पर एफआईआर में नाम शामिल हुए है तो उसको बाहर कराया जाएगा और इस पर विद्युत विभाग के जो दोषी कर्मचारी अधिकारी होंगे उनसे सुकायत भी लिया जाएगा और उसके बाद अगर लगता है कि उन्होंने जानबूझकर कार्यवाही करी है तो गलत इंटेंस रहा होगा तो निश्चित ही कार्यवाही होगी

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