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Thursday, 13 December 2018

लखनऊ - किसानों का कर्जमाफी के नाम पर केवल मजाक उडाया - मसूद अहमद

लखनऊ - चीफ रिपोटर चन्द्र मोहन तिवारी


राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 मसूद अहमद ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन में सम्पूर्ण उ0प्र0 में कानून व्यवस्था इतनी लचर हो गयी है कि प्रत्येक जनपद में हिंसा, बलात्कार, चोरी डकैती के साथ साथ अनावष्यक हमले लगातार बढते जा रहे हैं और योगी प्रदेश पुलिस को नई नई सुविधाओं से लैस करने में व्यस्त हैं ऐसा लगता है कि वह इसमें भी केवल डिजीटल इण्डिया बनाना चाहते हैं। राजधानी लखनऊ में भी कानून व्यवस्था पर काबू पाने में असमर्थ पुलिस अब गरीबों, ठेलों और खोम्चे वालों पर अपनी गाज गिरा रही है और यह फरमान जारी हुआ कि इन गरीब लोगों को रोजी रोटी कमाने के लिए सड़क के किनारे दुकान लगाने पर गुण्डा एक्ट में जेल भेज दिया जायेगा।


डाॅ0 अहमद ने कहा कि हमारा भारत कृषि प्रधान देश है जिसमें कृषि कार्य में व्यस्त किसानों के साथ साथ गरीबों और मजदूरों की संख्या अधिक है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि वेन्डिग जोन में सर्वप्रथम इन गरीब दुकानदारों को स्थान आवंटित करे उसके पष्चात ही कोई सख्त कदम उठाये ताकि इनका परिवार भुखमरी का शिकार न हो। प्रदेश सरकार लगभग डेढ वर्ष से गरीबों के उद्वार की कोई योजना लागू नहीं कर सकी और किसानों का कर्जमाफी के नाम पर केवल मजाक उडाया है। गन्ना किसानों का पिछले सत्र का कुल बकाया अब तक अदा नहीं हो सका है जबकि वर्तमान सत्र शुरू हुये दो महीने बीत चुके हैं।
 
रालोद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में गरीबों, पिछडों मजदूरों और कामगारों के साथ साथ किसानों की उन्नति करने का वादा किया था जो आज तक पूरा होते दिखाई नहीं पड रहा है। सरकार का रूख केवल जातीय संघर्ष बढाने एवं प्रदेश की भाईचारा की डोर कमजोर करने का ही दिखाई पड रहा है जो कि प्रदेश की प्रगति में सर्वथा बाधक है। राष्ट्रीय लोकदल किसान मसीहा चै0 चरण सिंह के पदचिन्हों पर चलकर सदैव गांव गरीब और किसान की लडाई लडता रहा है और यदि शीघ्र ही इन गरीबों की ओर सरकार ने ध्यान न दिया तो इनकी लडाई राष्ट्रीय लोकदल सडकों पर लडने के लिए तैयार रहेगा।

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