कानपुर - दलित पैंथर ने मनाया शौर्य दिवस - Tahkikat News

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Tuesday, 1 January 2019

कानपुर - दलित पैंथर ने मनाया शौर्य दिवस

ब्यूरो कानपुर- रवि गुप्ता  
 
मंगलवार को भारतीय दलित पैंथर एवं अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा परेड स्थित शिक्षक पार्क में भीमा कोरे गाँव की 201 वीं जयंती को शौर्य दिवस के रूप में मनाते हुए विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
 
 
इस विचार गोष्ठी का मकसद था कि भीमा कोरे गांव की 201 वीं जयंती को शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाए जहां दलित पैंथर व अन्य सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर केंडल जलाकर उनके स्तम्भ पर उन्हें याद किया। 
 
 
विचार गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए अध्यक्ष पैंथर धनीराम बौद्ध ने बताया कि 1 जनवरी 1818 को भीमा कोरेगांव में अंग्रेजो की सेना में पेशवा बाजीराव द्वितीय के 28 हज़ार सैनिकों को हराया था ब्रिटिश सेना में अधिकतर महार अनु जाति समुदाय के जवान थे इतिहासकारों के मुताबिक म्हारो की संख्या लगभग 500 थी इसलिए दलित समुदाय इस युद्ध को ब्राह्मणवादी सत्ता के खिलाफ जंग मानता है तबसे प्रत्येक वर्ष 1 जनवरी को दलित नेता ब्रिटिश सेना की इस जीत का जश्न मनाते आ रहे है साथ ही यह भीमा कोरेगांव युद्ध जो बाजीराव द्वितीय और अंग्रेजो के बीच लड़ा गया व अंग्रेजो की विजय के साथ महारो दलितों के शौर्य का प्रतीक है। बाबा साहेब जब तक जीवित रहे वह प्रत्येक वर्ष 1 जनवरी को कोरे गांव जाते थे और महारो के इस विजय को शौर्य दिवस के रुप में मनाते थे।

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