रिपोर्ट - मोबीन मन्सुरी
जहाँ एक तरफ प्रदेश सरकार शिक्षा के नाम पर करोड़ो रुपए
खर्च कर रही है।की हमारे प्रदेश के नौनिहाल पढ़ लिख कर एक नए भारत का
निर्माण करेंगे ।वही शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते सब पढ़े सब बढ़े का
सपना दूर तक साकार होता नही दिखयी दे रहा है ।योगी सरकार में प्राथमिक
विद्यालयों की स्थिति बद से बदतर होती चली जा रही है।
प्रदेश के मुखिया
योगी आदित्यनाथ प्राथमिक स्कूलों की शिक्षा प्रणाली को सुधार कर गरीब
बच्चों को बेहतर शिक्षा दिला कर बाल श्रम को पूरी तरह से खत्म करना चाहते
हैं लेकिन प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापक हैं कि प्रदेश के मुखिया की इस
मंशा को पलीता लगा रहे हैं।दरअसल पूरा मामला प्राथमिक विद्यालय कुंवरपुर
बनवारी का जहाँ नौनिहालों से ईंट लकड़ी की फनटी
ढुलबाई जा रही है। प्राथिमिक विधायल के हेड
मास्टर से बात करने की कोसिस की तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी बोलने
से मना कर दिया।बड़ा सबाल ऐसे कैसे पढ़ेगा इंडिया अगर नही पढ़ेगा तो कैसे
बढेगा इंडिया ।
मामला
छिबरामऊ तहँसील के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय कुंवरपुर बनवारी का है। इस
विद्यालय में कुछ निर्माण कार्य कराया जा रहा है।अधयापक सामने खड़े होकर
विद्यालय के छात्रों से बेलदारी करा रहे हैं। विद्यालय की इस कारगुजारी को अपने कैमरे में कैद कर लिया आप अंदाजा लगा सकते
हैं कि जिन प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को पढ़ा कर बालश्रम को रोकने का
प्रयास चल रहा है उसी विद्यालय में बाल श्रम करा कर इस प्राथमिक विद्यालय
के प्रबंधक क्या संदेश दे रहे हैं।हैरानी की बात तो तब हुई जब बच्चो के
कामकरने के बदले उन्हें 100 रुपए देने और मिलने की बात कही अर्थात बच्चो
को काम के बदले उन्हें 100 रूपए दिए गए ।आप खुद ही
प्राथमिक विद्यालय के
छात्रों की जुबानी सुनिए
क्या
ऐसे सुधरेगा शिक्षा का ग्राफ भले ही बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों में
साफ-सफाई रखने की जिम्मेदारी सौपी हो, लेकिन सवाल ये उठता है कि बच्चों से
साथ किए जा रहे इस तरह के बर्ताव से बच्चे पढ़ाई में ध्यान लगा पाएंगे क्या
ऐसे शिक्षा का स्तर सुधारा जाएगा। हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है
उत्तर प्रदेश में कई जिलों से स्कूल में बच्चों से साफ-सफाई कराने के मामले
पहले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन सफाई कर्मियों से सफाई करवाने की बजाए
बच्चों से काम कराने के मामले आखिर कब थमेंगे। इस विसय पर जब हमने जनपद की
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका चतुर्वेदी से बात करने की कोशिश की तो
उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से मना कर दिया ।
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बच्चो से मजदूरी कराए जाने और उसके बदले उन्हें पारितोषक मिलने की
बात जब हमने छिबरामऊ तहसील के उपजिलाधिकारी से बात की तो उन्होंने बताया
मामला मेरे संज्ञान में है ।खंड शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए गए
जांच रिपोर्ट आने के बाद ऐसा कृत्य कराने बाले अध्यापकों पर उचित विभागीय
कार्यवाही की जाएगी।
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