रिपोर्ट - कृपा शंकर चौधरी ब्यूरो गोरखपुर
कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के तत्वावधान में आयोजित महाहड़ताल दूसरे दिन भी जारी है। प्रथम दिन शाम को बुलाई गई मीटिंग विफल होने से शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर धरना जारी रहेगा कहा गया था। स्थानीय पदाधिकारियों द्वारा प्रशासन के द्वारा दिए जा रहे दबाव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई एवं विरोध जताया गया। गौरतलब है कि गत छह फरवरी से कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के तत्वावधान में आयोजित महाहड़ताल दूसरे दिन भी जारी है और 12 फरवरी तक चलने वाले इस हड़ताल में सरकार एवं प्रशासन के द्वारा सार्थक हल न निकालने से इस मंच से जुड़े कर्मचारियों के कार्यालयों में ताले लटके हुए हैं।
कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के तत्वावधान में आयोजित महाहड़ताल दूसरे दिन भी जारी है। प्रथम दिन शाम को बुलाई गई मीटिंग विफल होने से शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर धरना जारी रहेगा कहा गया था। स्थानीय पदाधिकारियों द्वारा प्रशासन के द्वारा दिए जा रहे दबाव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई एवं विरोध जताया गया। गौरतलब है कि गत छह फरवरी से कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के तत्वावधान में आयोजित महाहड़ताल दूसरे दिन भी जारी है और 12 फरवरी तक चलने वाले इस हड़ताल में सरकार एवं प्रशासन के द्वारा सार्थक हल न निकालने से इस मंच से जुड़े कर्मचारियों के कार्यालयों में ताले लटके हुए हैं।
कर्मचारी
शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के उपाध्यक्ष भक्त राज राम
त्रिपाठी ने बताया कि सरकार से हमारी बस एक मांग है कि पुरानी पेंशन बहाल
की जाएं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को
लेकर शांति पुर्वक हो रहे हड़ताल को सरकार के द्वारा दबाने की कोशिश की जा रही है जबकि इसका सार्थक हल निकालने की आवश्यकता है।भक्त
राज राम त्रिपाठी ने बताया कि ताला लगे कार्यालयों को प्रशासन द्वारा
तोड़ा था रहा है यदि ताला टूटने के बाद विभाग की कोई भी छति होती है तो
उसका जिम्मेदार स्वय प्रशासन होगा। कई विभागों के एकत्र पदाधिकारियों
द्वारा अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया गया कि हमारी सार्थक मांग को
सरकार द्वारा मान लेनी चाहिए और हम हड़ताल के पक्षधर नहीं है किन्तु सरकार
द्वारा हमें ऐसा करने पर मजबूर किया गया है।
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