रिपोर्ट - विशाल सिंह
जहां पुलवामा हमले के बाद प्रत्येक भारतीय नागरिक के मुंह से सिर्फ पाकिस्तान से बदला लेने की बात सुनाई पड़ती थी उसी क्रम में आज भारतीय वायु सेना ने तड़के सुबह नियंत्रण रेखा पार कर आतंकी कैंप को ध्वस्त कर दिया सूत्रों के हवाले से बताया गया कि वायुसेना के विमान ने आतंकी कैंप पर 1000 किलोग्राम के बम गिराए जिसमें
आतंकी कैंप पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। भारतीय हवाई सेना के सूत्रों के हवाले से कहा गया कि 26 फरवरी की तड़के भारतीय लड़ाकू
विमान मिराज 2000 के एक समूह ने उस पार कर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर
में आतंकी कैंप पर बमबारी की है और उसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया है इस
कार्यवाही पर जब शहीद अजीत कुमार आजाद के परिजनों से बात की गई तो उन्होंने क्या
कहा भारत सरकार की इस कार्यवाही पर आइये सुनते है उन्ही की जुबानी आतँकवादी ठिकानों पर वो स्थान कहा पर है हमे नही मालूम है मगर जो भारतीय वायुसेना ने जो कदम उठाया है आतंकवादी ठिकानो पर बम बरसाए है ये कदम स्मरणीय है इस कदम को भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से अंकित होना चाहिए
मैं कहना चाहूंगा कि हर इंसान को पता है की वो बहुत ज्यादा सेंसेटिव जगह है तो वहां मरने के लिए कोई होगा नही ये बेकार की गतिविधि है ये केवल आर्थिक नुकसान देश को पहुंचाया जा रहा है ये कोई ठोस कदम नही है हमारे नजरिये से ये केवल फालतू की बाते है मैं ये चाहता हूँ कि पूरे ठोस कदम उठाए जाएं इसको पाकिस्तान मीडिया खुद बताए की हमारे तीन सौ आदमी मरे है हमारे इंडिया की मीडिया तो हमेशा दलाली करती है बात सही लेकिन ये आपका अंदाजा है हमारा अंदाजा है लेकिन हमारे हिसाब से अगर हमारी माने तो वहां पर कोई नही होगा केवल बेकार में उनकी चौकिया तोड़ी गई है वो कुछ दिन बाद दोबारा बन जाएगी इसके बाद से कोई कदम नही उठाया जाएगा दोबारा कोई कड़े से कड़ा कोई कदम उठाया जाए ये तो जो आप कर रहे है वो ठीक है ये सेना की गतिविधि है सेना का एक्शन है सेना कर रही है लेकिन इसके लिए कुछ ऐसा कदम उठाया जाए जिससे देश को और मजबूती मिले इस तरीके से काम करने से क्या फायदा है हमे पता है की वहा कोई नही है फिर भी हम बम गिरा रहे है ।नही हमे कोई सकूंन नही है ये फालतू बात है अभी और होना चाहिए और बड़ा होना चाहिए जबतक पाकिस्तान अपने घुटनों पर न आ जाये वो ये न कहने लगे कि हमे माफ कर दो हमशे गलती हुई है हम सभी नेशन के सामने बोलते है की इनको हमारे आतंकवादियों पर हमला बोलिये ये इनका चिन्हांकन है इनको हमने चिन्हांकित किया है ये यहा यहां पर है अमेरिका से रिक्वेस्ट की जाए....उस ड्रोन हमले किये जायें
।इस तरह की गतिविधियां हो तो हमे सुकून मिले,जहां पर कुछ नही है वहा पर बम बारी करके हमको क्या तसल्ली देना चाह रहे है या वो वोट मांगना चाह रहे है और कुछ नही और कुछ नही करना चाह रहे है केवल ये दिखाना चाह रहे है कि हमने कर दिया है हमारा बदला पूरा हो गया है हमने काम कर दिया है जहां पर कोई नही था वहां पर बम गिराए गए है सीधी सी बात है ये सबको पता है लेकिन कहना कोई नही चाहत है हर आदमी ये जान रहा है जिसको पता है इतनी सेंसटिव जगह है भारतीय इंडिया हमला करने वाला है तो क्या कोई आदमी वहां पर खड़ा रहेगा की आओ हमको मार दो सीधी से बात है ये कॉमन फैक्टर है ये ,इस पर जितने भी बुद्धिजीवी है मुझसे बात करे आकर जब पता है कि इंडिया किसी भी समय हमला
कर सकता है किसी भी समय कुछ भी हो सकता है तो कौन वहां बैठेगा चौकी में
मरने के लिए ढाई तीन सौ आज़मी बैठेंगे आप लोग उसका सहयोग कर रहे हो की हां
सही बात है ये,नही ये सही बात है ये आप अपने दिल से पूछिए भैया सही बात है। अच्छा कदम उठाया है वैसे बदला लेने के लिए और इसके बाद में भी मैं कहती हूँ कि वहां के बच्चे भी तो निर्दोष है इसलिए हम सबसे हट के बात करना चाहते है की वहा के बच्चो का भी नुकसान न हो ऐसा समझौता किया जाए की अच्छी तरह शांत हो जाये हम पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को ये संदेश देना चाहती हूँ कि वहां ऐसे कदम उठाए की आतंकवाद को खत्म कर न कि न कि आतंकवादियों को।वैसे ये कदम उठाना चाहिए पर अगर नही मानते है तो हमे बदला लेना चाहिए,उन्होंने अच्छा कदम उठाया है हमे प्रधानमंत्री पर नाज है उन्होंने सोचा तो की हमारी माताएं बहने कितना बिलखती है इतने सैनिक शहीद हुए है,न इस तरह बदला नही लेंगे क्योकि खाली कमजोर पर हमला करने से क्या फायदा कही कोई उनका नुकसान नही हुआ है इस तरह से कोई संतुष्टि नही
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