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कर्नाटक विधानसभा चुनाव को लेकर तारीखों का ऐलान हो चुका है। 12 मई को राज्य में एक चरण में चुनाव कराया जाएगा और 15 मई को मतगणना कराई जाएगी। चुनाव आयोग की इस घोषणा के बाद आज से राज्य में आचार संहिता लागू हो चुका है। चुनाव आयोग ने कहा कि कर्नाटक की सभी 56 हजार बूथों पर वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा। एक उम्मीदवार चुनाव प्रचार में 28 लाख रुपये खर्च कर सकता है और पार्टी के चुनाव प्रचार पर खर्च की कोई सीमा नहीं है। इसके साथ ही, 28 मई से पहले सारी प्रक्रियाएं पूरी की जाएगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने बताया कि महिलाओं के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। शहरी निर्वाचन क्षेत्र में 5 महिला स्टेशन और प्रत्येक ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र में 1 महिला स्टेशन होगा। उन्होंने बताया कि 450 से ज्यादा पोलिंग स्टेशन को महिला द्वारा चलाए जाएंगे। कर्नाटक चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने पहले ही कमर कस ली है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार कर्नाटक के दौरे पर हैं, वहीं भाजपा की ओर से अमित शाह कर्नाटक पर नजरें जमाए हुए हैं।
इस बीच चुनाव आयोग के तारीखों की घोषणा से पहले ही बीजेपी IT मीडिया सेल के हेड अमित मालवीय के ट्ववीट से विवाद उत्पन्न हो गया। इस ट्वीट में कहा गया कि 12 मई को चुनाव होंगे और 18 मई को नतीजे आएंगे। इससे यह विवाद खड़ा हो गया है कि आखिर चुनाव आयोग की घोषणा से पहले अमित मालवीय को कैसे पता चल गया कि चुनाव तारीखें क्या होंगी? जबकि अभी चुनाव आयोग प्रेस कांफ्रेंस कर रहा था और उसमें यह तारीखों की घोषणा नहीं की गई थी? यह विवाद इसलिए भी बढ़ गया क्योंकि इसमें की गई दो भविष्यवाणियों में से एक सटीक निकली। इस बाबत चुनाव आयोग से प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पूछा गया तो मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा कि यह गंभीर मामला है। आयोग इसकी जांच करेगा।
कर्नाटक की 225 विधानसभा सीटों पर 224 के लिए चुनाव होने हैं जबकि एक सीट पर ऐंग्लो-इंडियन समुदाय से सदस्य मनोनीत होगा। कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी बीजेपी के बीच सीधी टक्कर है। दोनों ही पार्टियों के स्टार कैंपेनर इन दिनों जोर-शोर से प्रचार-प्रसार में लगे हुए हैं। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जहां सिद्धारमैया सरकार अपनी सीट बचाने के लिए उतरेगी वहीं बीजेपी भी इस बार यहां सत्ता पर काबिज होने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। तीसरी ओर जेडीएस-बीएसपी एक साथ मिलकर दोनों प्रमुख पार्टियों को चुनौती देगी।

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