यूपी, बिहार, मध्यप्रदेश, गुजरात समेत देश के आठ राज्यों में कैश का संकट पैदा हो गया है. इन राज्यों में एटीएम से कैश नहीं मिल पा रहा है, जिससे लोग परेशान हैं. कैश संकट के बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि साजिश के तहत 2000 के नोट को बाजार से गायब किया जा रहा है.
कई शहरों में एटीएम खाली होने की शिकायत मिल रही है. लोगों को पैसे मिल नहीं पा रहे हैं. परेशान लोग एटीएम के चक्कर लगा रहे हैं. लोगों को एक बार फिर से नोटबंदी के समय का मुश्किल वक्त याद आ रहा है. दो साल पहले नवंबर में नोटबंदी हुई थी और आज डेढ़ साल बाद देश के राज्यों में वैसे ही हालात बन गए हैं.
कैश संकट पर मोदी सरकार की पहली प्रतिक्रिया आई है. केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि एक-दो दिन में हालात सामान्य हो जाएंगे. शिवप्रताप शुक्ल ने कहा, ''हमारे पास अभी सवा लाख करोड़ की कैश करेंसी है, इसमें कोई दिक्कत नहीं है. एक समस्या आई है जिसे हम स्वीकर करते हैं. कुछ राज्यों में पैसे अधिक हो गए हैं और कुछ में कम हो गए हैं. हमने इसके लिए राज्यवार कमेटी बनाई है. आरबीआई भी कमेटी बना रहा रहै. पैसा एक स्टेट से दूसरे स्टेट में ट्रांसफर करना पड़ेगा जिसके लिए आरबीआई की इजाजत जरूरी है. मुझे लगता है कि एक से दो दिन में हम इस समस्या को पूरा खत्म कर देंगे.''
जानकारी के मुताबिक गुजरात सरकार को इस कैश संकट की भनक थी. राज्य के वित्त मंत्री नितिन पटेल ने आरबीआई के रीजनल ऑफिस को कैश के संकट के प्रति आगाह किया था. राज्य सरकार ने आरबीआई से बैंकों को ज्यादा कैश देने की बात कही थी.
जल्द सामान्य होंगे हालात: आरबीआई
वहीं रिजर्व बैंक के सूत्रों के मुताबिक त्योहारी मांग की वजह से कैश की कमी हुई है. जितनी जरूरत थी उतना कैश सप्लाई नहीं हुआ है लेकिन स्थिति अब सामान्य हो रही है. रिजर्व बैंक के मुताबिक एक दो दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी.
वहीं रिजर्व बैंक के सूत्रों के मुताबिक त्योहारी मांग की वजह से कैश की कमी हुई है. जितनी जरूरत थी उतना कैश सप्लाई नहीं हुआ है लेकिन स्थिति अब सामान्य हो रही है. रिजर्व बैंक के मुताबिक एक दो दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी.
नकदी का संकट उत्तर प्रदेश में भी है. इसको लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज बैठक बुलाई है. यूपी के कई जिलों में कैश नहीं मिल रहा है. कहा जा रहा है कि सीएम योगी नकदी संकट को लेकर कल वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिख सकते हैं.
नकदी की समस्या को लेकर मध्यप्रदेश के शाजापुर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बड़ा बयान दिया है. मुख्यमंत्री ने किसानों की एक सभा में कहा है ‘’दो हजार के नोट को साजिश के तहत चलन से गायब किया जा रहा है.’’
कैश की किल्लत से बिहार सबसे ज्यादा प्रभावित बताया जा रहा है. ग्राहक दावा कर रहे हैं कि कई एटीएम पर जाने के बावजूद कैश नहीं मिल रहा है. एबीपी न्यूज़ ने जब पटना के सबसे वीआईपी इलाके में राजभव में पड़ताल की तो एटीएम खाली मिला. राजभवन इलाके में ही राज्यपाल और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आवास है.
आखिर क्यों है कैश की दिक्कत?
एसबीआई के बिहार जोन के एजीएम (पीआर) मिथिलेश कुमार ने बताया कि कैश डिपॉजिट का फ्लो कम हुआ है. आरबीआई से रिक्वेजेशन करते हैं. लेकिन कुछ दिनों से फुलफिल नहीं हो पा रहा है. नकारी के मुताबिक बिहार में एसबीआई के 1100 एटीएम हैं. 1100 एटीएम में रोजाना 250 करोड़ रुपये की जरूरत है. लेकिन अभी 125 करोड़ रुपये यानी आधा पैसा ही मिलता है. पटना में सिर्फ सरकारी बैंकों में ही नहीं प्राइवेट बैंकों के एटीम में भी कैश की किल्लत है.
एसबीआई के बिहार जोन के एजीएम (पीआर) मिथिलेश कुमार ने बताया कि कैश डिपॉजिट का फ्लो कम हुआ है. आरबीआई से रिक्वेजेशन करते हैं. लेकिन कुछ दिनों से फुलफिल नहीं हो पा रहा है. नकारी के मुताबिक बिहार में एसबीआई के 1100 एटीएम हैं. 1100 एटीएम में रोजाना 250 करोड़ रुपये की जरूरत है. लेकिन अभी 125 करोड़ रुपये यानी आधा पैसा ही मिलता है. पटना में सिर्फ सरकारी बैंकों में ही नहीं प्राइवेट बैंकों के एटीम में भी कैश की किल्लत है.
नकदी संकट पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है. तेजस्वी यादव ने कहा है, ‘’एटीएम मशीन में पैसे नहीं है. नोटबंदी के बाद यह सबसे बड़ा घोटाला है. अगर इस मामले की जांच कराई जाए तो कई बड़े लोग फंस जाएंगे.’’
People in Varanasi say, 'We do not know what or where the problem is but the common man is facing difficulty as the ATM Kiosks are not dispensing cash. We have visited 5-6 ATMs since morning. We need to pay for the admission of children and purchase groceries & vegetables'. pic.twitter.com/8eSGXU0NtU— ANI UP (@ANINewsUP) April 17, 2018

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