बस्ती -समता मूलक समाज के पोषक थे डा.अम्बेडकर, चन्द्रमणि पाण्डेय - Tahkikat News

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Saturday, 14 April 2018

बस्ती -समता मूलक समाज के पोषक थे डा.अम्बेडकर, चन्द्रमणि पाण्डेय


आज 14 अप्रैल दिन शनिवार को अंबेडकर जयंती के अवसर पर हरैया स्थित बौद्ध विहार मुरादीपुर में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर व भगवान बुद्ध को पुष्प अर्पित कर नमन करते हुए राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश सचिव चन्द्रमणि पाण्डेय ने कहा कि वास्तव में डॉ आंबेडकर जाति धर्म से परे समतामूलक समाज के पोषक थे उनका मानना था कि व्यक्ति व्यक्ति में भेद नहीं होना चाहिए और सरकार की सुविधा का लाभ सभी वर्ग के शोषितों वंचितों को समानता से मिलना चाहिए उनका  नारा था पढ़ो पढ़ो व संघर्ष करो किंतु आज राजनेता हमें जाती धर्म अगडी पिछड़ी की राजनीति में बांट रहे हैं 

व सामाजिक समरसता को खंडित कर रहे हैं और लोग बिना पढ़े बिना संघर्ष किए ही सारी सुविधा का लाभ पाने का सपना देख रहे हैं पढने व संघर्ष के बल पर जहां हर्रैया की माटी में जन्में माता प्रसाद जी सूबे के सबसे बडे पद प्रमुख सचिव पद पर कार्य किये वहीं तमाम लोग आज भी विकास से अछूते है राजनीतिक जातिगत व धार्मिक विद्वेष के चलते व्यक्ति के विकास की मूल आवश्यकता शिक्षा चिकित्सा गौड हो चुकी है सरकारी संस्थाओं में शिक्षा चिकित्सा की स्थिति बदहाल है और निजी विद्यालयों में चिकित्सालयों की शिक्षा चिकित्सा आम इंसान की पहुंच से परे है उन्होंने राम कृष्ण बौद्ध जैसे ईश्वर के अवतार व अंबेडकर विवेकानंद दयानंद सरस्वती जैसे महापुरुषों को जाति धर्म में विभाजित करने को दुःखद बताया उन्होंने कहा कि आज जहां जाति धर्म की राजनीति मानवता को शर्मसार कर रही है वहीं आरक्षण की राजनीति योग्यता को कुंठित कर रही है 

वास्तव में पूरे देश में एक समान व निःशुल्क शिक्षा चिकित्सा की व्यवस्था कर महापुरुषों द्वारा दिखाए गए रास्ते पर मानवतावाद एकात्मवाद के सूत्र का अनुपालन कर हम भारत को विश्व गुरु बना सकते हैं और इसके लिए जाति धर्म व आरक्षण की राजनीति समाप्त कर हमें व्यक्ति के विकास के 3 आधार शिक्षा चिकित्सा व रोजगार पर ध्यान देना होगा इस मौके पर युवा रालोद नेता राम निरंजन वर्मा बृजेश यादव विवेक मोहन यादव अरविंद यादव अशोक बर्मा हनुमान वर्मा विजय सोनी महेश गौतम अजय गौतम सचिन मिश्रा शिवम शुक्ला सहित दर्जनों समर्थक मौजूद रहे

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