रिपोर्ट -धर्म प्रकाश -
सोचने लगा हूँ बना लूँ अपनी भी एक कहानी ............. पर डर लगता है कंही रह न जाये हमारी अधूरी कहानी
अपनी कहानी अधूरी हो जाये तो कोई बात नहीं क्योंकि यंहा केवल और केवल आप जिम्मेदार हैं कि आपकी कहानी अधूरी रह गई ,लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था पर चलते हुए आम जनमानष को मिलने वाली सुबिधाओं में कोई काम अगर अधूरा रह जाये तो इसका जिम्मेदार लोकतंत्र को संचालित करने के लिए बनाये गए तंत्र ही होंगे।
सल्टौआ ब्लॉक के ग्रामसभा गोरखर में स्वच्छ पेय जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नीर निर्मल योजना के अंतर्गत पाइप लाइन पानी के टंकी का निर्माण ग्रामसभा में शुरू हुआ था जिसके माध्यम से ग्रामसभा के तीन पुरवे राजस्व ग्राम गोरखर ,सिकंदरपुर एवं धवरपारा में स्वच्छ जल की सप्लाई पंहुचाई जानी थी ,लेकिन पिछले 4 वर्ष से निर्माणधीन पानी की टंकी अब महज हाथी दांत बनकर रह चुकी।
लोगों को स्वच्छ पेय जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाई गई पानी की टंकी की स्थिति यह है कि इसकी बोरिंग का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है ,गोरखर निवासी पप्पू सिंह से बात चीत हुई तो उन्होंने बताया कि जब गांव में पानी की टंकी के निर्माण की बात चली तो हम ग्रामवासियों को यह उम्मीद थी कि अब गांव में स्वच्छ पेय जल की उपलब्धता हो जाएगी जिससे लोग संक्रमित बीमारियों से भी बच सकते हैं लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी पानी टंकी का कार्य पूरा नहीं हो सका।

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