बस्ती - रिपोर्ट -राज आर्या
प्रदेश सरकार की लाख कवायद और व्यवस्थाओं के बावजूद भी सरकारी प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में सुधार का कोई नाम नहीं दिख रहा है। यही कारण है कि आज सक्षम अभिभावक अपने नौनिहालों को लेकर निजी विद्यालय की ओर भागते हुए नजर आ रहे हैं और भागें भी क्यों ना जब प्राथमिक विद्यालय की हालत यह है कि 2 कमरों में 5 कक्षाओं के छात्रों की शिक्षा दी जा रही है और वह भी सिर्फ एक अध्यापक के माध्यम से जो स्वयं प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात है। यह स्थिति है तहसील क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय चंद्रभानपुर की......
शनिवार को जब तहकीकात न्यूज़ टीम प्राथमिक विद्यालय पर पहुंची तो विद्यालय के प्रधानाचार्य हबीबुर्रहमान गांव के कोटेदार रामनरेश व सहयोगी शिक्षामित्र महेंद्र कुमार के साथ गपशप करते हुए नजर आ रहे थे, जबकि विद्यालय के 2 कमरों में बच्चे हो-हल्ला मचा रहे थे। यहां की स्थिति यह है कि एक प्रधानाध्यापक के भरोसे पूरा स्कूल संचालित करवाया जा रहा है। विद्यालय के शौचालय पर ताला लटकता पाया गया। वहीं विद्यालय की एक अन्य कक्षा में एक महिला बच्चों को डांटते-समझाते हुए देखी गई, पूछने पर पता चला कि वह आंगनबाड़ी सहायिका बिंद्रा देवी है जो कभी-कभार विद्यालय पर आकर बच्चों को कुछ ज्ञान दे जाती हैं।
प्रधानाध्यापक से जब पूछा गया तो वह कहने लगे कि गांव के कोटेदार रामनरेश विद्यालय पर राशन वितरण इत्यादि की व्यवस्था के लिए आए थे उसी से संबंधित कुछ आवश्यक कार्य निपटाया जा रहा था विद्यालय पर मैं अकेला तैनात हूं इसीलिए जो व्यवस्था है सब मुझे ही देखनी है।

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