लखनऊ -महेंद्र मिश्रा ब्यूरो
उत्तर प्रदेश की शिक्षण
व्यवस्था डेढ़ वर्ष की भाजपा सरकार में पूरी तरह से पंगु हो गयी है।
प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षण संस्थाओं में न तो टीचर हैं और न ही वहां पढ़
रहे बच्चों के लिए अभी तक स्कूल बैग, कापी एवं किताबों की व्यवस्था कर पाने
में यह सरकार सक्षम साबित हुई है।
उत्तर
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डाॅ0 हिलाल अहमद ने आज जारी बयान में
कहा कि एक तरफ जहां शिक्षा मित्र सड़कों पर उतर चुके हैं और कक्षाएं खाली
हैं वहीं दूसरी तरफ आधा शिक्षण सत्र बीत जाने के बाद भी एनसीआरटी की
पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में माननीय मुख्यमंत्री इस बात का दावा
करते हैं कि यू0पी0 बोर्ड में सी.बी.एस.ई. का पाठ्यक्रम और एनसीईआरटी की
पुस्तकों को लागू किया जाना हास्यास्पद लगता है।
अभी
तक उ0प्र0 सरकार कोई भी शिक्षा नीति देने में भी सफल नहीं रही है। जिसके
कारण प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था दिशाहीन है। प्राथमिक एवं माध्यमिक
विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती नहीं हो सकी है लगभग 65 हजार पद खाली हैं
जो राज्य सरकार की शिक्षा के प्रति उदासीनता को दर्शाती है।
प्रवक्ता
ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एक अक्षम सरकार है, जबसे
सत्ता में आयी है तब से अब तक एक भी शिक्षकों की भर्ती परीक्षा बिना
भ्रष्टाचार के कराने में सक्षम नहीं रही है। विगत दिनों 65 हजार शिक्षकों
की भर्ती परीक्षा में जो गड़बड़ियां हुई हैं वह अपने आप में इस सरकार की
भ्रष्टाचार लिप्तता, अक्षमता तथा नीतिहीनता को प्रदर्शित करता है।
प्रदेश
की विश्वविद्यालय व्यवस्था भी पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। लखनऊ
विश्वविद्यालय में एक तरफ तो सेमेस्टर पद्धति लागू कर दिया गया है जिसकी
परीक्षाएं 15 नवम्बर से शुरू हो रही हैं जबकि कालेजों एवं विश्वविद्यालयों
में प्रवेश प्रक्रिया 15 सितम्बर तक चली हैं ऐसे में दो माह में छात्रों के
पाठ्यक्रम को कैसे पूरा किया जायेगा, इस ओर न तो प्रदेश सरकार ने सोचा है न
ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने ध्यान दिया है। जिससे विद्यार्थी परेशान हैं
और वे आन्दोलित भी हो रहे हैं।
प्रदेश
की भाजपा सरकार की गलत शिक्षा नीति के चलते प्रदेश के विद्यार्थियों का
प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक भविष्य पूर्णतया अंधकारमय दिख रहा है।
कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि भाजपा सरकार तुरन्त शिक्षकों की भर्ती
सुनिश्चित करे और इस बात का भी ध्यान रखे कि भर्तियों में भ्रष्टाचार जो
भाजपा का पर्याय बन चुका है वह न हो। इसके साथ ही विद्यार्थियों को तुरन्त
शिक्षक, शिक्षा का वातावरण एवं बुनियादी शैक्षिक आवश्यकताओं को पूर्ण
करे।

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