जिला संवाददाता रवि तहकीकात न्यूज़
उत्तर भारत में भगवान
विष्णु के पांचवे अवतार वामन भगवान का हटिया कानपुर में इकलौता मंदिर है
जहाँ आज भादो की द्वादशी के उपलक्ष में हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी वामन
भगवान का अभिषेक और विशेष श्रृंगार कराकर भक्तो के लिए पट खोले गए। जिसमे
भगवान वामन के दर्शन के लिये भक्तो की भारी भीड़ भी इस मंदिर में उमड़ी। जहाँ
प्रसाद के साथ ही भंडारे का भी आयोजन किया गया आज बावन भगवान के जन्मोत्सव
पर हजारो की संख्या में लोगो मंदिर में दर्शन करने पहुंचे और उनका
जन्मोत्सव मनाते हुए वामन भगवान की आरती की आज वामन भगवान के जन्मोत्सव पर
हटिया स्थित मंदिर प्रांगण में भक्तों ने हर्षोल्लास के साथ उनका जन्मदिन
मनाया साथ ही भक्तों ने भगवान का अभिषेक कर उनकी आरती की और पूजा की गयी
वहीं प्रसाद के तौर पर ड्राई फ्रूट्स,पंचामृत और फलों से उनका भोग लगाया
गया
मंदिर के महंत अतुल शास्त्री ने बताया कि यह
मंदिर सैकड़ो साल पुराना अंग्रेजो के जमाने में स्थापित किया गया मंदिर है
इसके विषय में कुछ बुजुर्ग लोगो को ही पता है यह भगवान वामन के जन्मोत्सव
यानि भादो की द्वादशी पर विशेष श्रृंगार के साथ मंदिर खोला जाता है जिसमे
हजारो की संख्या में भक्त दर्शन करने आते है यहाँ भक्तो के लिए प्रसाद के
साथ ही भंडारे का भी आयोजन किया जाता है।
मंहत ने बताया एक कथा को बताते
हुए कहा कि भगवान वामन भगवान विष्णु के पांचवे अवतार हैं जो राक्षसों का
संहार करने के लिए जन्मे थे एक बार राजा बलि के दरबार मे ब्राह्मण का रूप
धारण कर वामन भगवान पहुंचे जहां उन्होंने राजा बलि से तीन पग भूमि के दान
की मांग की जिसके लिए उन्होंने राजा से कहा कि आप हमें वचन दीजिये आप हमें
दान करेंगे राजा बलि ने उन्हें संकल्प देते हुए उनकी मांग स्वीकार कर ली।
जहां भगवान वामन ने दो पग में ही तीनों लोक को नाप लिया और तीसरा पग रखने
की जगह नही थी जिसमें राजा ने कहा आप मेरे सिर पर पग रख दीजिए जहां भगवान
बामन ने तीसरा पग राजा के सिर पर रखा वैसे ही वह पाताल में चला गया।


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