जिला संवाददाता- रवि तहकीकात न्यूज़
कानपुर। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समान काम का समान वेतन दिए जाने के निर्देशों के बाद भी उचित वेतन न दिए जाने के विरोध में सफाई कर्मचारियों ने आज धरना दिया और सरकार के खिलाफ़ वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
फूलबाग स्थित नानारावपार्क में धरने पर बैठे वाल्मीकि समाज के लोगो ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने सभी सफाई कर्मचारियों को समान कार्य के साथ ही समान वेतन दिए जाने के निर्देश दिए थे इसके बावजूद प्रदेश की सरकार सफाई कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण नीति अपना रही है ठेके पर कार्य करने वाले सफाई कर्मी को 7 हज़ार, संविदा कर्मी को 14 हज़ार और परमानेंट सफाई कर्मचारियों को 20 से 24 हज़ार रुपये तक का वेतन दे रही है वेतन में इस तरह की विसंगतियों से सफाई कर्मियों में व्यापक आक्रोश व्याप्त है इन लोगों ने कहा कि अब अपनी आर्थिक आजादी का आंदोलन सफाई कर्मचारियों ने शुरू कर दिया है इसे प्रदेश व्यापी आंदोलन के रूप में तब तक चलाया जाएगा जब तक हमे अपने अधिकार नही मिल जाते हैं।
क्या कहना है कर्मियों का
सफाई कर्मियों का नेतृत्व कर रहे अजीत बाघमार ने कहा कि हम लोग अपनी आर्थिक आजादी का आंदोलन पूरी ईमानदारी के साथ चलाएंगे और दिसम्बर माह में संसद भवन का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे। धरने में मुख्य रूप से सुनील राजदान,देव कुमार, विनय सेन,संजय टेकला समेत तमाम कर्मी।मौजूद रहे।

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