रिपोर्टर:अरविन्द शर्मा
ज़िले
के मूसानगर स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर बैठी ये महिलाएं
और कोई नहीं, ये वही मरीज हैं, जो यहां तैनात महिला चिकित्सक रिफका कादिर
से अपना इलाज करा रही हैं लेकिन गुस्साई ये महिलाएं अस्पताल में ताला लगाकर
बाहर बैठी हैं। दरअसल बीते दो दिन पूर्व का मामला है। महिलाओं का आरोप है
कि बीजेपी के महामंत्री विधा सागर ने महिला चिकित्सक रिफका कादिर पर
धार्मिक भेदभाव कर इलाज करने का आरोप लगाते हुए उनका तबादला करा दिया है।
जबकि महिलाओं का कहना है कि ये चिकित्सक बहुत अच्छी चिकित्सक हैं और बिना
किसी भेदभाव के हिंदू मुस्लिम सभी का इलाज समान रूप से करती हैं। इस
क्षेत्र के सभी मरीज निजी चिकित्सकों की बजाय बेहिचक यहां इलाज करा रहे हैं
लेकिन सत्ताधारी नेताओं के दबाव में ये आरोप लगाकर ट्रांसफर कराया गया है,
जो हम लोगों को मंजूर नही है। जब तक ट्रांसफर नही रुकेगा, हम लोग ऐसे ही
बैठे रहेंगे।
निजी चिकित्सकों व मेडिकल स्टोर की हालत खस्ता
देखने
वाली बात ये रही कि जब महिला डॉक्टर रिफका कादिर स्वास्थ्य केंद्र पहुंची
तो लोगों के हुजूम ने उन्हें घेर लिया। आलम ये था कि महिलाएं उनसे लिपट
गयी। कुछ की आंखे नम थी, तमाम लोगों के मुंह से डॉक्टर रिफका कादिर के लिए
दुआए निकल रही थी। मानो डाक्टर नहीं कोई गरीबों का मसीहा आ गया हो। जबकि इस
भीड़ में सिर्फ इंसान नज़र आये। ना कोई मुस्लिम दिखा और ना कोई हिन्दू दिखा।
दरअसल लोगों का कहना है कि डाक्टर रिफका कादिर की तैनाती महज़ 3 महीने पहले
हुई थी। तैनाती के बाद से अस्पताल के नजदीकी मेडिकल स्टोरों की दुकानदारी
पर खासा असर पड़ा था। क्योंकि डाक्टर रिफका कादिर बाहर की दवाई ना लिखकर
सरकारी दवाई ही मरीजों को देती थी।
बोलीं डाक्टर व मरीज के लिए कोई जाति धर्म नही होता
लोगों
का मानना है कि उनके हाँथ मे जस था, इसलिए मुफ़लिस गरीब लोगो को सरकारी
दवाई से ही राहत मिल जाती थी, जिसके चलते डाक्टर रिफका कादिर की ख्याति दूर
दराज इलाको तक फैल गयी थी। बीजेपी महामंत्री विद्या सागर मूसानगर इलाके के
ही रहने वाले है। उन्हें ये बात हजम नही हो रही थी, आरोप है कि वे कोई
अपने फेवर का चिकित्सक यहां तैनात कराना चाहते हैं। उन्होंने सत्ता के दबाव
में डाक्टर रिफका कादिर का ट्रांसफर करा दिया। वही महिला चिकित्सक का कहना
है कि मेरा ट्रांसफर कहीं भी कर दिया जाए, मुझे कोई अफसोस नही होगा लेकिन
जो आरोप लगाकर मेरा ट्रांसफर किया जा रहा है, वो गलत है। मेरे लिए सारे
मरीज़ बराबर है, फिर क्या हिन्दू और क्या मुस्लिम, मरीजों की कोई जाति धर्म
नही होता है।

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