तहकीकात न्यूज़ ब्यूरो - प्रतापगढ़
डीजीपी की सख्ती के बाद भी लालगंज कोतवाली में तैनात पुलिसकर्मी लखनऊ में हुई एप्पल कंपनी के मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या के आरोपी सिपाही के बचाव में उतर आए हैं। विभाग के मुखिया के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए हत्यारोपी सिपाही के पक्ष में खड़ी हुई लालगंज पुलिस ने हाथ पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। हरसंभव मदद का ऐलान करते हुए उसकी बर्खास्तगी वापस लेने की मांग की गई।
राजधानी लखनऊ में सप्ताह भर पहले एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की सिपाही प्रशांत चौधरी ने पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्याकांड के बाद यूपी पुलिस की किरकिरी हुई तो आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी को आननफानन में बर्खास्त कर दिया गया। हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। इसके बाद कई जिलों की पुलिस के हत्यारोपी सिपाही के साथ खड़े होने की बात शासन तक पहुंची तो अफसरों के कान खड़े हो गए। विवेक हत्याकांड के डैमेज कंट्रोल में जुटे डीजीपी ओपी सिंह ने निर्देश जारी करते हुए दो टूक कहा कि प्रदेश में कहीं भी पुलिस हत्यारोपी सिपाही के साथ खड़ी मिली तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद भी लालगंज कोतवाली के पुलिसकर्मी आरोपी सिपाही के बचाव में उतर आए हैं। डीजीपी के आदेश का ठेंगा दिखाते हुए लालगंज में उपनिरीक्षक राजबहादुर यादव के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने शुक्रवार को हाथ पर काली पट्टी बांध कर विवेक की हत्या के आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी की बर्खास्तगी वापस लेने की मांग की। पुलिसकर्मियों ने ऐलान किया है कि विवेक हत्याकांड के आरोपी सिपाही की आर्थिक व कानूनी मदद के साथ उसके साथ हर समय कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए तैयार हैं। पुलिसकर्मियों ने साफ कहा कि नतीजा चाहे जो हो वह सिपाही की मदद से पीछे नहीं हटने वाले हैं।
विवेक हत्याकांड को लेकर हत्यारोपी सिपाही के पक्ष में एटा जिले में तैनात आरक्षी सर्वेश चौधरी ने फेसबुक पर एक पोस्ट की थी। जिस पर डीजीपी ओपी सिंह ने उसे आननफानन में निलंबित कर दिया। उसके निलबंन के बाद डीजीपी ने कहा था कि सभी जिले के पुलिस अधीक्षकों की यह जिम्मेदारी है कि जहां भी पुलिस इस तरह की करतूत करेगी, अफसर उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। एटा के बाद अब जिले की लालगंज कोतवाली में तैनात दरोगा राजबहादुर यादव की अगुवाई में पुलिस कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और हत्यारे सिपाही की हरसंभव मदद का ऐलान किया। ऐसे में अब यह देखना है कि पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा डीजीपी के आदेश को ठेंगा दिखाने वाली पुलिस के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।
कोतवाली के तैनात उपनिरीक्षक राजबहादुर यादव ने आरक्षियों को भडक़ा दिया। जिसके बाद आरक्षियों ने हाथ में काली पट्टी बांध ली। परिसर में दरोगा की अगुवाई में ही हत्यारोपी सिपाही के पक्ष में खड़े होने का ऐलान किया गया। इसकी फोटो भी कराकर पुलिस के गु्रपों में भेजी गई। फोटो वायरल न हो, इसका भी ख्याल रखा गया था, लेकिन जब यह सब कोतवाली में चल रहा था तो कई फरियादी भी वहां मौजूद थे। उसी में से किसी ने पुलिस कर्मियों की हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन की फोटो खींच कर मीडिया कर्मियों तक पहुंचा दी। लेकिन इसकी जानकारी बाद में पुलिस को हुई तो कार्रवाई के भय से उनमें खलबली मची हुई है।
मामले की जानकारी मिली है। विरोध प्रदर्शन करने वाले ज्यादातर पुलिसकर्मी युवा हैं। वो जोश में ऐसा कर बैठे, बाद में गलती स्वीकार की। सीओ कुंडा को मामले की जांच सौंपी गई है। "एसपी प्रतापगढ़ देवरंजन वर्मा "
इसके बाद भी लालगंज कोतवाली के पुलिसकर्मी आरोपी सिपाही के बचाव में उतर आए हैं। डीजीपी के आदेश का ठेंगा दिखाते हुए लालगंज में उपनिरीक्षक राजबहादुर यादव के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने शुक्रवार को हाथ पर काली पट्टी बांध कर विवेक की हत्या के आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी की बर्खास्तगी वापस लेने की मांग की। पुलिसकर्मियों ने ऐलान किया है कि विवेक हत्याकांड के आरोपी सिपाही की आर्थिक व कानूनी मदद के साथ उसके साथ हर समय कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए तैयार हैं। पुलिसकर्मियों ने साफ कहा कि नतीजा चाहे जो हो वह सिपाही की मदद से पीछे नहीं हटने वाले हैं।
विवेक हत्याकांड को लेकर हत्यारोपी सिपाही के पक्ष में एटा जिले में तैनात आरक्षी सर्वेश चौधरी ने फेसबुक पर एक पोस्ट की थी। जिस पर डीजीपी ओपी सिंह ने उसे आननफानन में निलंबित कर दिया। उसके निलबंन के बाद डीजीपी ने कहा था कि सभी जिले के पुलिस अधीक्षकों की यह जिम्मेदारी है कि जहां भी पुलिस इस तरह की करतूत करेगी, अफसर उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। एटा के बाद अब जिले की लालगंज कोतवाली में तैनात दरोगा राजबहादुर यादव की अगुवाई में पुलिस कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और हत्यारे सिपाही की हरसंभव मदद का ऐलान किया। ऐसे में अब यह देखना है कि पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा डीजीपी के आदेश को ठेंगा दिखाने वाली पुलिस के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।
कोतवाली के तैनात उपनिरीक्षक राजबहादुर यादव ने आरक्षियों को भडक़ा दिया। जिसके बाद आरक्षियों ने हाथ में काली पट्टी बांध ली। परिसर में दरोगा की अगुवाई में ही हत्यारोपी सिपाही के पक्ष में खड़े होने का ऐलान किया गया। इसकी फोटो भी कराकर पुलिस के गु्रपों में भेजी गई। फोटो वायरल न हो, इसका भी ख्याल रखा गया था, लेकिन जब यह सब कोतवाली में चल रहा था तो कई फरियादी भी वहां मौजूद थे। उसी में से किसी ने पुलिस कर्मियों की हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन की फोटो खींच कर मीडिया कर्मियों तक पहुंचा दी। लेकिन इसकी जानकारी बाद में पुलिस को हुई तो कार्रवाई के भय से उनमें खलबली मची हुई है।
मामले की जानकारी मिली है। विरोध प्रदर्शन करने वाले ज्यादातर पुलिसकर्मी युवा हैं। वो जोश में ऐसा कर बैठे, बाद में गलती स्वीकार की। सीओ कुंडा को मामले की जांच सौंपी गई है। "एसपी प्रतापगढ़ देवरंजन वर्मा "

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