रिपोर्ट-- मोबीन मन्सुरी
कन्नौज में डग्गामार वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए कई अधिकारियों ने कई आदेश किए, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। शहर के लोगों को डग्गामार वाहनों के आतंक से निजात नहीं मिल सकी। सबसे ज्यादा हालत तिर्वा क्रासिंग पर खराब है। यहीं से अधिकारी सबसे ज्यादा आवागमन करते हैं।
कारण कुछ भी हो, लेकिन डग्गामार वाहन चालकों का अपना कानून चलता है। उनके खिलाफ चाहे जो अधिकारी कोई भी आदेश जारी करें, लेकिन दो-तीन बाद उनकी ही चलती है। यह निरंकुश वाहन चालक बीच सड़क पर आड़े-तिरछे वाहन खड़े कर धड़ल्ले से सवारियां भरते हैं। इनकी इस हरकत को रोकने के लिए तैनात यातायात सिपाही भी मूकदर्शक बने रहते हैं।
यहां पर सवारियों के चक्कर में आम राहगीरों का रास्ता रोकने से भी यह नहीं हिचकते हैं। सवारियों को तो पकड़-पकड़ कर अपने वाहनों पर बैठाया जाता है। इसी पकड़ा-धकड़ी में गिरहकट और उठाईगीर भी फायदा उठा लेते हैं। इसके अलावा सरायमीरा से कन्नौज और अरौल के बीच चलने वाले टेंपो की भी अराजकता से लोग परेशान होते हैं। यहां भी जीटी रोड पर टेंपो खड़ा कर सवारियां भरी जाती है। हालांकि इस अराजकता को रोकने के लिए पुलिस ने कई बार मातहतों को निर्देश दिए। उसके बाद एक-दो दिन तो असर दिखाई दिया, लेकिन फिर वही पुराना ढर्रा चालू हो गया।
वही कन्नौज एआरटीओ का कहना है कि डग्गामारी मूलतः तिर्वा कन्नौज मार्ग पर टेम्पो चालको द्वारा की जा रही समय समय पर उनके खिलाफ अभियान भी चलाया जाता है अभी हाल में ही 6 वाहनों को बंद व 34 वाहनों का चालान हुआ था ।और बसों की डग्गामारी तिर्वा से दिल्ली रोड पर और कन्नौज से हरदोई रोड पर है इसमें 3 बसे बन्द हुई थी व 20 वसो का चालान हुआ था जिनसे 1लाख 78 हजार का जुर्माना बसूला गया था ।
कन्नौज में डग्गामार वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए कई अधिकारियों ने कई आदेश किए, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। शहर के लोगों को डग्गामार वाहनों के आतंक से निजात नहीं मिल सकी। सबसे ज्यादा हालत तिर्वा क्रासिंग पर खराब है। यहीं से अधिकारी सबसे ज्यादा आवागमन करते हैं।
कारण कुछ भी हो, लेकिन डग्गामार वाहन चालकों का अपना कानून चलता है। उनके खिलाफ चाहे जो अधिकारी कोई भी आदेश जारी करें, लेकिन दो-तीन बाद उनकी ही चलती है। यह निरंकुश वाहन चालक बीच सड़क पर आड़े-तिरछे वाहन खड़े कर धड़ल्ले से सवारियां भरते हैं। इनकी इस हरकत को रोकने के लिए तैनात यातायात सिपाही भी मूकदर्शक बने रहते हैं।
यहां पर सवारियों के चक्कर में आम राहगीरों का रास्ता रोकने से भी यह नहीं हिचकते हैं। सवारियों को तो पकड़-पकड़ कर अपने वाहनों पर बैठाया जाता है। इसी पकड़ा-धकड़ी में गिरहकट और उठाईगीर भी फायदा उठा लेते हैं। इसके अलावा सरायमीरा से कन्नौज और अरौल के बीच चलने वाले टेंपो की भी अराजकता से लोग परेशान होते हैं। यहां भी जीटी रोड पर टेंपो खड़ा कर सवारियां भरी जाती है। हालांकि इस अराजकता को रोकने के लिए पुलिस ने कई बार मातहतों को निर्देश दिए। उसके बाद एक-दो दिन तो असर दिखाई दिया, लेकिन फिर वही पुराना ढर्रा चालू हो गया।
वही कन्नौज एआरटीओ का कहना है कि डग्गामारी मूलतः तिर्वा कन्नौज मार्ग पर टेम्पो चालको द्वारा की जा रही समय समय पर उनके खिलाफ अभियान भी चलाया जाता है अभी हाल में ही 6 वाहनों को बंद व 34 वाहनों का चालान हुआ था ।और बसों की डग्गामारी तिर्वा से दिल्ली रोड पर और कन्नौज से हरदोई रोड पर है इसमें 3 बसे बन्द हुई थी व 20 वसो का चालान हुआ था जिनसे 1लाख 78 हजार का जुर्माना बसूला गया था ।



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