लखनऊ - सत्य प्रकाश चौधरी
अपना दल के संस्थापक बोधिसत्व डा0 सोनेलाल पटेल के 10वें
परिनिर्वाण दिवस पर उनके संघर्शो को एकत्रित करके रचित एक सार्थक जीवन पुस्तक का विमोचन नई दिल्ली स्थित स्पीकर हाल कांस्टीट्यूशन क्लब में किया
गया। इस पुस्तक का सम्पादन राघव त्रिवेदी ने किया।
इस
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि चौधरी अजीत सिंह राष्ट्रिय अध्यक्ष राष्ट्रिय लोकदल,अतुल अंजान राष्ट्रिय सचिव भारतीय कम्यूनिस्ट
पार्टी, श्रीमती कृश्णा पटेल राष्ट्रिय अध्यक्ष अपना दल, डा0 संजय सिंह सांसद राज्यसभा, डी0पी0 त्रिपाठी राश्ट्रीय महासचिव राष्ट्रवादी
कांग्रेस पार्टी, रमेश दीक्षित प्रदेश अध्यक्ष उ0प्र0 राष्ट्रिवादी
कांग्रेस पार्टी, श्रीमती पल्लवी पटेल प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश आदि लोग
उपस्थित होकर डा0 सोनेलाल पटेल के संघर्शों पर विस्तृत चर्चा करते हुए
कहा कि डा0 सोनेलाल पटेल किसान कमेरों गरीबों मजलूमों वंचित समाज की लड़ाई
लड़ते रहे। उनका मानना था लोग सामाजिक, शैक्षिक व आर्थिक रुप से संपन्न हो
जाएंगे तो भारत में समतामूलक समाज की स्थापना स्वतः संभव होगी। जबतक ये
गरीब ओबीसी, एससी, एसटी आर्थिक रूप से विपन्न हैं तब तक ये संविधान के
दायरे में आरक्षण पाने के हकदार हैं डा0 सोनेलाल पटेल के विचार आज भी
प्रासंगिक हैं उनकी सोच और विचारधारा को सरकारों ने भी लागू किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बचान सिंह राना दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अपना दल
ने किया।
अपना दल
की राष्ट्रिय अध्यक्ष और अपना कारवाँ की प्रधान सम्पादक श्रीमती कृष्णा
पटेल ने अपने सम्बोधन में कहा कि डा0 सोनेलाल पटेल एक विचारधारा थे और
उन्होंने किसानों की खुशहाली के लिए किसान आयोग बनाने की मांग हमेशा करते
रहे। उनकी सोच थी किसानों की तरक्की के लिए किसान आयोग सहायक हो सकता है।
बाढ़ और सूखे की स्थिति में किसानों को किसान आयोग के माध्यम से उनकी पूरी
भरपाई होती। अभी जो राहत के नाम पर औने-पौने देकर सरकार अपना पल्ला झाड़
लेती है जिससे उन्हें राहत नहीं मिलती।
प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती
पल्लवी पटेल ने कहा कि डा0 साहब की सोच हर गरीब, मजलूमों के लिए थी और देश के विकास के लिए उन्होंने एक सूत्र दिया था बहता हुआ पानी, दौड़ता हुआ
ट्रांसपोर्ट, अंकुरित बीज। अगर यह लागू हो जाय तो निश्चित ही भारत पुनः
सोने की चिड़िया कहलाता। कृषि से ही देश का विकास सम्भव है, बिना यह
बुनियादी चीजे मिले न ही किसान का विकास और नही देश का विकास सम्भव होगा।


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