ब्यूरो कानपुर- रवि गुप्ता
कानपुर- कानपुर यूनिवर्सिटी को एक नई दिशा देने वाले और शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने वाले और समाजसेवी पदम् विभूषण से सम्मानित डॉक्टर सर्वज्ञ सिंह कटियार 86 वर्ष की आयु पर अपने अकेलेपन और बीमारी से पीड़ित होकर आज अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
अकेलापन और बीमारी से थे डिप्रेशन में
आपको बता दें कि डॉक्टर कटियार ने अपने स्वरूप नगर स्थित घर पर 21 दिनों पहले जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था और इनको गम्भीर हालत में कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी और आज दोपहर उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांसे लीं ।
गौरतलब है कि डॉक्टर कटियार की पत्नी ईवा मैसी का देहांत पहले ही हो चुका था और परिवार के बाकी सदस्य काम काज के चलते बाहर ही ट्रेवल करते थे और कटियार साहब अपने स्वरूप नगर स्थित घर पर अकेले ही अपना समय व्यतीत कर रहे थे और इसी अकेलेपन और बीमारी के चलते डॉक्टर कटियार लंबे समय से डिप्रेशन में चल रहे थे और इसी डिप्रेशन में उनकी आज मृत्यु हो गयी और उनकी मृत्यु के पश्चात उनके आवास से एक कानपुर एसएसपी के नाम से सम्बोधित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है जिसमें डॉक्टर कटियार ने अपने अकेलेपन और बीमारी का जिक्र करते हुए किसी को दोषी न ठहराते हुए अपनी जीवन लीला समाप्त करने की बात कही।
डॉक्टर कटियार ने हासिल की यह उपलब्धियां
आपको बताते चले कि डॉक्टर कटियार को सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से 2009 में देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने सम्मानित किया था और डॉक्टर कटियार 1994 से लेकर 2007 तक कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति रहे और 2003 में पद्म श्री और 2009 में पद्म विभूषण भी उन्हें दिया जा चुका है और यही नही डॉक्टर कटियार को विज्ञान गौरव पुरुष्कार से भी सम्मनित किया जा चुका है। फिलहाल उनकी मौत की खबर से कानपुर यूनिवर्सिटी के साथ साथ कनपुवासियो मे शोक की लहर दौड़ गयी है और कानपुर नगर के साथ साथ देश ने एक शिक्षाविद को खो दिया है।
कानपुर- कानपुर यूनिवर्सिटी को एक नई दिशा देने वाले और शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने वाले और समाजसेवी पदम् विभूषण से सम्मानित डॉक्टर सर्वज्ञ सिंह कटियार 86 वर्ष की आयु पर अपने अकेलेपन और बीमारी से पीड़ित होकर आज अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
अकेलापन और बीमारी से थे डिप्रेशन में
आपको बता दें कि डॉक्टर कटियार ने अपने स्वरूप नगर स्थित घर पर 21 दिनों पहले जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था और इनको गम्भीर हालत में कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी और आज दोपहर उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांसे लीं ।
गौरतलब है कि डॉक्टर कटियार की पत्नी ईवा मैसी का देहांत पहले ही हो चुका था और परिवार के बाकी सदस्य काम काज के चलते बाहर ही ट्रेवल करते थे और कटियार साहब अपने स्वरूप नगर स्थित घर पर अकेले ही अपना समय व्यतीत कर रहे थे और इसी अकेलेपन और बीमारी के चलते डॉक्टर कटियार लंबे समय से डिप्रेशन में चल रहे थे और इसी डिप्रेशन में उनकी आज मृत्यु हो गयी और उनकी मृत्यु के पश्चात उनके आवास से एक कानपुर एसएसपी के नाम से सम्बोधित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है जिसमें डॉक्टर कटियार ने अपने अकेलेपन और बीमारी का जिक्र करते हुए किसी को दोषी न ठहराते हुए अपनी जीवन लीला समाप्त करने की बात कही।
डॉक्टर कटियार ने हासिल की यह उपलब्धियां
आपको बताते चले कि डॉक्टर कटियार को सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से 2009 में देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने सम्मानित किया था और डॉक्टर कटियार 1994 से लेकर 2007 तक कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति रहे और 2003 में पद्म श्री और 2009 में पद्म विभूषण भी उन्हें दिया जा चुका है और यही नही डॉक्टर कटियार को विज्ञान गौरव पुरुष्कार से भी सम्मनित किया जा चुका है। फिलहाल उनकी मौत की खबर से कानपुर यूनिवर्सिटी के साथ साथ कनपुवासियो मे शोक की लहर दौड़ गयी है और कानपुर नगर के साथ साथ देश ने एक शिक्षाविद को खो दिया है।


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