लखनऊ -महेंद्र मिश्रा ब्यूरो उत्तर प्रदेश
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा की केन्द्र सरकार का पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ढाई रूपये की कमी करने का नाटक जनता को बहकाने-भटकाने की उनकी साजिश का ही हिस्सा है। आज उसने ऊंट के मुंह में जीरा जैसी जो राहत दी है वह तो पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में लाकर दी जा सकती थी। केन्द्र और राज्य में तो भाजपा की डबल इंजन सरकारें हैं फिर भी पी.एम. और सी.एम. ने जनता को खौलते मंहगे तेल में खूब झुलसाया है।
एक बात साफ है कि
भाजपा सरकार ने यह निर्णय जनता को राहत देने के लिए नहीं बल्कि तेल
कम्पनियों के लगातार ध्वस्त होते शेयरों को बचाने के लिए किया है। भाजपा
सरकार पेट्रोलियम उत्पादों से 10 लाख रूपए तक की अतिरिक्त कमाई करने के बाद
मामूली क्षणिक राहत दे रही है। लेकिन जनता इसके झांसे में आने वाली नही
है।
सन् 2014 में सत्ता में आने के बाद से भाजपा सरकार
पेट्रोल पर 9.48 पैसे की एक्साइज डयूटी को 17.98 रूपए एवं डीजल पर 3.56
रूपए प्रतिलीटर की एक्साइज डयूटी को 13.83 रूपये प्रति लीटर बढ़ा चुकी है।
चूंकि अब चुनाव सिर पर है और भाजपा की नाव डगमगा रही है। यह क्या गारंटी है
कि अब पेट्रोलियम पदार्थो के दाम नहीं बढ़ेंगे। इस लुका छिपी के खेल से
जनता खूब परिचित है इसलिए भाजपा अपने कुप्रचार से जनता को गुमराह करने पर
लगी है।
सस्ते कच्चे तेल का फायदा जनता को नहीं
मिला। सारा मुनाफा केन्द्र सरकार ने पहले ही ले लिया है। केंद्र सरकार
पहले ही बिना सब्सिडी वाली रसोई गैस में 59 रूपए की बढ़ोतरी कर चुकी है और
मध्यम वर्ग की कमर तोड़ चुकी है। भाजपा सरकार की नीति और नीयत दोनों
जनविरोधी है और उसे जनता को परेशान करने में ही सुख मिलता है। जनता को
भाजपा के सŸाा में रहते आगे भी सिर्फ परेशानियां ही मिलनी है।


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