
मिडिया डेस्क
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) प्रदेश के 75 जिलों के
31021 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में 18 नवंबर को होगी। सचिव परीक्षा
नियामक प्राधिकारी की ओर से परीक्षा सकुशल पूरी कराने के लिए पूरी तैयारी
कर ली गई है। टीईटी-2018 में कुल 1783716 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
पहली पाली में सुबह 10 से दोपहर 12.30 बजे के बीच प्राथमिक स्तर की टीईटी
और दूसरी पाली में दोपहर तीन बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच उच्च
प्राथमिक स्तर की परीक्षा होगी। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण
चतुर्वेदी ने बताया कि प्रदेश में पहली पाली में 1170786 परीक्षार्थी 2070
केंद्रों पर, जबकि दूसरी पाली में 612930 परीक्षार्थी 1051 केंद्रों पर
परीक्षा देंगे।
सचिव ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के दो घंटे पहले पहुंच जाएगा। केंद्र व्यवस्थापक, पर्यवेक्षक एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट प्रश्नपत्र के पैकेटों की जांच करेंगे। यदि कोई दिक्कत होगी तो इसकी सूचना सेक्टर मजिस्ट्रेट के माध्यम से जिला विद्यालय निरीक्षक को दी जाएगी, ताकि समय रहते प्रश्नपत्र के नए पैकेट पहुंचाए जा सकें। गलत प्रश्नपत्र खोलने की दशा में पूरी जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक एवं पर्यवेक्षक की होगी।
उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के प्रवेश के समय मेनगेट की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। ओएमआर शीट में व्हाइटनर का प्रयोग करने की दशा में इसका मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। ऐसे में गलत प्रश्नों को बदलने की कोशिश न करें। परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी, कक्ष निरीक्षक अथवा परीक्षा व्यवस्था से जुड़ा कोई भी व्यक्ति मोबाइल अंदर नहीं ले जा सकेगा। सिर्फ केंद्र व्यवस्थापकों को मोबाइल रखने की छूट दी गई है।
सचिव ने बताया कि परीक्षा के दौरान पूरी सख्ती बरती जाएगी। कोई कक्ष निरीक्षक एक कक्ष से दूसरे कक्ष में नहीं जा सकेगा। परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी और वायस रिकार्डर के जरिए अंदर की गतिविधियों की निगरानी की जाएगी। बताया कि परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए परीक्षार्थी अपने साथ प्रशिक्षण बीटीसी, बीएड एवं अन्य की अंकपत्र की प्रमाणित प्रति और फोटो युक्त पहचान पत्र अवश्य रखें। परीक्षा कराने के लिए कुल 133072 कक्ष निरीक्षक, 690 सचल दल और 6244 पर्यवेक्षक लगाए गए हैं।
सचिव ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के दो घंटे पहले पहुंच जाएगा। केंद्र व्यवस्थापक, पर्यवेक्षक एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट प्रश्नपत्र के पैकेटों की जांच करेंगे। यदि कोई दिक्कत होगी तो इसकी सूचना सेक्टर मजिस्ट्रेट के माध्यम से जिला विद्यालय निरीक्षक को दी जाएगी, ताकि समय रहते प्रश्नपत्र के नए पैकेट पहुंचाए जा सकें। गलत प्रश्नपत्र खोलने की दशा में पूरी जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक एवं पर्यवेक्षक की होगी।
उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के प्रवेश के समय मेनगेट की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। ओएमआर शीट में व्हाइटनर का प्रयोग करने की दशा में इसका मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। ऐसे में गलत प्रश्नों को बदलने की कोशिश न करें। परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी, कक्ष निरीक्षक अथवा परीक्षा व्यवस्था से जुड़ा कोई भी व्यक्ति मोबाइल अंदर नहीं ले जा सकेगा। सिर्फ केंद्र व्यवस्थापकों को मोबाइल रखने की छूट दी गई है।
सचिव ने बताया कि परीक्षा के दौरान पूरी सख्ती बरती जाएगी। कोई कक्ष निरीक्षक एक कक्ष से दूसरे कक्ष में नहीं जा सकेगा। परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी और वायस रिकार्डर के जरिए अंदर की गतिविधियों की निगरानी की जाएगी। बताया कि परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए परीक्षार्थी अपने साथ प्रशिक्षण बीटीसी, बीएड एवं अन्य की अंकपत्र की प्रमाणित प्रति और फोटो युक्त पहचान पत्र अवश्य रखें। परीक्षा कराने के लिए कुल 133072 कक्ष निरीक्षक, 690 सचल दल और 6244 पर्यवेक्षक लगाए गए हैं।
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