रिपोर्ट-पुनीत मिश्रा
योगी राज में घोटालो का सिलसिला रुकने का नाम नहीं लेरहा है ग्राम प्रधान सरकारी बजट के बंदरबांट और निर्माण कार्यों में जमकर घोटाला कर रहे है ग्राम प्रधान की शिकायत पर हुई जांच में धांधली का आरोप लगा रहे ग्रामीणों ने नोडल अधिकारी से शिकायत करने को देर रात कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना दिया।अपनी कमियों को छिपाने के लिए प्रशासन ने धरना दे रहे ग्रामीणों को नोडल अधिकारी जीएस प्रियदर्शी से नहीं मिलने दिया ।
विकास खंड
मोहम्मदाबाद के ग्राम राजारामपुर मेई के शैलेंद्र सिंह , कुलदीप शाक्य, रवि
कुमार, जुगल किशोर आदि ने जिलाधिकारी मोनिका रानी को शपथपत्र देकर ग्राम
प्रधान के खिलाफ निर्माण कार्यों में अनियमितता, लाभार्थी चयन में धांधली
और शासन से मिले बजट के बंदरबांट की शिकायत की थी।डीएम ने मामले में जिला
कृषि अधिकारी डा. आरके सिंह को लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता के साथ
मौके पर जाकर जांच के निर्देश दिए थे। डीएओ ने विगत 22 नवंबर को जांच की
तिथि नियत की थी। नियत तिथि पर किसी सरकारी कार्य में व्यस्तता के चलते
जांच के लिए 28 नवंबर की तिथि निर्धारित की गई थी।
सहायक अभियंता के न
पहुंचने पर जिला कृषि अधिकारी स्वयं ही जांच करने पहुंचे। इस दौरान कुछ
ग्रामीणों ने जांच में पक्षपात का आरोप लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल
बिगड़ते देख डीएओ वापस लौट गए। ग्रामीण जांच में धांधली की शिकायत करने
कलेक्ट्रेट पहुंच गए। इस दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में नोडल अधिकारी विकास
कार्यों की समीक्षा कर रहे थे|
नोडल अधिकारी से शिकायत की जिद पर ग्रामीण कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों की नारेबाजी को देख कलेक्ट्रेट में नगर मजिस्ट्रेट ने पुलिस बुलवाली। बैठक समाप्त होने पर नोडल अधिकारी के निकलने से पूर्व सीडीओ अपूर्वा दुबे ने निकल कर ग्रामीणों से वार्ता की और उन्हें रिपोर्ट आने के बाद दोबारा जांच का आश्वासन दिया। इसी दौरान नोडल अधिकारी अपनी कार में बैठ कर चले गए। आखिर ग्रामीण कलेक्ट्रेट से वापस लौट गए।
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