ब्यूरो कानपुर - रवि गुप्ता
राष्ट्रीय समाज सेवा समिति के तत्वावधान में संत रामपाल जी महाराज के
आजीवन कारावास को लेकर सैकड़ो की संख्या में में उनके अनुयायियों ने शिक्षक
पार्क में एकत्रित होकर काला दिवस मनाते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया।
श्रद्धालुओ ने की रिहाई की मांग
शिक्षक
पार्क में एकत्रित हुए इन अनुयायियों का नेतृत्व कर रहे संजय दास ने कहा
कि संत रामपाल एक पहुंचे हुए फ़कीर थे और समाज को साफ और स्वच्छ व सुंदर
बनाने के लिए प्रयत्नशील थे संत रामपाल अन्याय व अत्याचार के खिलाफ सँघर्ष
करते थे और गरीबो और मजलुमो की सहायता करने में सदैव अग्रणी रहते थे संजय
दास का कहना था कि 18 नवम्बर 2014 को सरकार ने हज़ारो की संख्या में
अर्धसैनिक बल व पुलिसफोर्स को संत के आश्रम में भेजा और उसे चारो तरफ से
इस तरह से घिरवाया मानो वह आश्रम न होकर कोई आतंकी ठिकाना हो और पुलिस बल
ने बिना किसी हिचकिचाहट के आश्रम में जहरीली गैसों, रॉकेट बमो व गोलियों की
बौछार कर दी पुलिस द्वारा किये गए
इस बर्बरतापूर्ण हमले में 5 श्रद्धालु
महिलाओ और एक बच्चे की जहाँ मौत हो गयी वही हज़ारो श्रद्धालु गम्भीर रूप से
जख्मी हो गए 18 नवम्बर 2014 का दिन एक ब्लेक डे के रूप में बन गया और संत
के अनुयायी इस दिन को ब्लैक डे के रूप में मनाते है सरकार ने इस पर भी
इतिश्री नही की और संत व उनके हज़ारो निर्दोष श्रद्धालुओं को जेल में डाल
दिया संत रामपाल शास्त्रों के अनुसार भक्ति करते करवाते है और विकार रहित
एक सभ्य समाज तैयार कर रहे थे इनके सानिध्य में आकर लाखो श्रद्धालुओं ने कई
तरह के व्यवसन त्याग दिए थे और भक्ति भावना में जुट गए।
बेसहारा ,गरीबो की मदद के लिए हमेशा आगे रहते थे
अनुयायियों
का कहना है कि संत रामपाल के बताए गए भक्ति मार्ग व समाज सुधार के नियमों
से प्रभावित होकर व लोग किसी भी समाज , जाति, धर्म पर हो रहे अत्याचारों का
विरोध करते है और बेसहारा और गरीब लोगों की मदद करते हैं आज प्रदेश के
विभिन्न शहरों में श्रद्धालु सड़को पर उतरकर देश के राष्ट्रपति को ज्ञापन
भेजेंगे और संत रामपाल की रिहाई की मांग करेंगे यदि मांग न पूरी हुई तो इसी
तरह जगह जगह पर शांति आंदोलन करते रहेगें।


Sat Saheb ji
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