रिपोर्ट -:अरविन्द शर्मा
रूरा कानपुर देहात। फसल अवशेष जलाने से हमारे
वायुमंडल में कार्बन डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड ,सल्फर डाई
ऑक्साइड,नाइट्रिक ऑक्साइड, अमोनिया के कण वायु में मिलकर दिल का
दौरा,अस्थमा ,खुजली ,आंखों का लाल होना,श्वास रोग,चक्कर आना,बच्चों का
पढ़ाई में मन न लगना तथा गुर्दे की बीमारी का कारण बनते हैं उक्त बात
राष्ट्रीय ग्रेपलिंग स्वर्ण पदक विजेता केन्द्रीय विद्यालय माती की छात्रा
शान्या ने तिगाईं गांव के मजरा कालिन पुरवा में रैली निकालने से पूर्व
ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कही उक्त विद्यालय के ही छात्र शिवम ने
बताया कि फसल अवशेष जिस जगह पर जालाते हैं
उस जगह के लाभकारी तत्व और
ह्यूमस नष्ट होकर वह भूमि को बंजर बनाते हैं तथा पृथ्वी के आस पास कार्बन
डाई ऑक्साइड का घेरा बनता है जो ग्लोबल वार्मिंग बढ़ाकर जीवों को नष्ट कर
रहा है फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूकता फैलाने
के उद्देश्य से प्रतियोगिताएं भी आयोजित कराई जा रही है ।यह रैली पूरे
गांव की गलियों में घूमी रैली में पूजा, अर्चना, शिवानी ,राजेश मयंक ,पंकज
,नवीन सहित सौ से अधिक बच्चे व ग्रामीण शामिल थे


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