ब्यूरो कानपुर - रवि गुप्ता
यूपी डिफेंस एक्सपो 2018 के समापन समारोह में सूबे के मुखिया योगी
आदित्यनाथ ने शिरकत की। उन्होंने पहले यूपी एक्सपो में लगे हुए स्टालों की
अद्भुत प्रदर्शनी को लगभग 20 मिनट तक देखा और खुद भी हथियारों को उठाकर
उसको चेक किया।
प्रदर्शनी के बाद योगीआदित्यनाथ समापन समारोह के मंच पर
पहुंचे। जहां उन्हें तेजस स्वरूप स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस
दौरान औद्योगिक मंत्री सतीश महाना को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया
गया।
सीएम
योगी आदित्यनाथ ने मंच को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस औद्योगिक नगरी में
यूपी डिफेंस एक्सपो 2018 का तीन दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. यह
बहुत प्रसन्नता की अनुभति है कि हमारी सरकार ने 21 व 22 फरवरी 2018 को
प्रदेश का इन्वेस्टर समिट लखनऊ में किया था
उस समय हमारी सरकार का 1 वर्ष
का कार्यकाल भी पूरा नही हुआ था। तब हम प्रधानमंत्री से मिलने गए और इस
प्रस्ताव को उनके समक्ष रखा कि इन्वेस्टर समिट उत्तर प्रदेश में रखा जाए
जिससे उत्तर प्रदेश में निवेश की भी सम्भावनाये बढ़ेंगी इस दौरान पीएम जोर
से हंसे और उन्होंने कहा कि अभी आपकी सरकार को 1 वर्ष भी पूरा नही हुआ और
आप इन्वेस्टर समिट कर पाएंगे।
जिस पर हमने कहा हां यह प्रदेश के व्यापार और
निवेश के लिए काफी सहायक होगा। मोदी जी के मार्गदर्शन और उनके अनुभव का
लाभ लेकर हमारी टीम ने इस ओर मेहनत की और हम उस दिशा में आगे बढ़े। हमारा
मानना है कि किसी भी कार्य को करने के पहले नेक नियत हो तो उसमें सफ़लता
जरूर मिलेगी।
पहले टीम थोड़ा सशंकित थी कि पता नही यूपी में लोग आएंगे या
नही लेकिन मैं आश्वस्त था मुझे उम्मीद थी यह समिट जरूर प्रदेश के लिए सहायक
सिद्ध होगा। देश और दुनिया बदलते हुए उत्तरप्रदेश को देख रही है हर कोई
प्रदेश में निवेश करना चाहता है और इछुक भी है बशर्ते हमे इसमें सकारात्मक
रुख अपनाना होगा। 1 फरवरी को जनरल बजट के दौरान दो डिफेंस कॉरिडोर की घोषणा
की गई थी उसी दिन बिना बताय दिल्ली पहुंचा। रक्षा मंत्री के सामने इन
कॉरिडोर का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश में रखने को कहा।
जब पीएम के सामने इस
प्रस्ताव को रखा प्रधानमंत्री ने तत्काल कहा कि इसकी तैयारी हो। 21 फरवरी
को यूपी इन्वेस्टर समिट में पीएम पहुंचे थे तो उन्होंने इस डिफेंस कॉरिडोर
की घोषणा प्रदेश के लिए कर दी। निवेशकों ने इसमें रुचि दिखाई जुलाइ में
लगभग 62 हज़ार करोड़ रुपये के कार्य धरातल पर उतर् गए लगभग 1 लाख करोड़ का
निवेश दिसम्बर में प्रदेश में कराने जा रहे है।
प्रदेश के अंदर हर
व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान करेंगे इसे हकीकत में बदलने का काम करेंगे। आज
गुणात्मक परिवर्तन प्रदेश के अंदर देखने को मिल रहा है। दूसरा यह कि फोकस
सेंटर प्रदेश पहला राज्य है जो पालिसी घोषित की थी उस पालिसी के अंदर कोई
भी व्यक्ति आकर कही भी निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से कर सकता है उसकी
सारी समस्या का समाधान हो जाएगा। उत्तर प्रदेश निवेश के लिए सबसे अच्छा देश
के अंदर बनने जा रहा है यह देश की सुरक्षा और आवश्यकता को ध्यान में रखते
हुए भी। भारत दुनिया का 5 वां देश है
जो सवार्धिक रक्षा उत्पादन को बाहर से
आयात करता है मेक इन इंडिया के तहत उनके स्वप्न को साकार करने की दिशा में
यह डिफेंस कॉरिडोर एक मील का पत्थर साबित होगी। जिसके लिए ये एक्सपो
आयोजित किये जा रहे है। जो कॉरिडोर की पालिसी है कानपुर, आगरा ,अलीगढ़,
झांसी,लखनऊ, चित्रकूट ये बहुत महत्वपूर्ण और अहम क्षेत्र है सुरक्षा की
दृष्टि से हम इस डिफेंस कॉरिडोर के भूमि पूजन का कर्यक्रम जनवरी में करेंगे
जिससे कॉरिडोर की ओर एक नई दिशा की ओर आगे बढ़ने का काम करेंगे।
इस एक्सपो
2018 को देखते हुए उन्होंने खुशी जताई कहा कि प्रदेश में 9 ऑर्डिनेन्स
फैक्ट्रियां है कौन से उत्पाद की आवश्यकता निजी निवेश के द्वारा रक्षा के
लिए दी ज सकती है यहां कानपुर में अपनी क्षमता के बल पर लोगों ने कार्य
किया ऐसे लोगों को डिफेंस एक्सपो उनको प्रोत्साहित करने का एक मंच भी है जो
कॉरिडोर आगे स्थापित होंगे इन एक्सपो के माध्यम से काफी कुछ जान सकेंगे।
यूपीका और आईआईए ने सफलतापूर्वक तीन दिवसीय एक्सपो को सम्पन्न किया आगे का
लक्ष्य तय किया है कम से कम 50 हज़ार करोड़ का निवेश डिफेंस कॉरिडोर में
होगा और ढाई लाख नौकरियां युवाओँ को दी जाएंगी। लघु उद्योगों में विशेष
योगदान देने की आवश्यकता है इन लघु उद्योगों के माध्यम से रक्षा उत्पाद के
क्षेत्र में बढ़िया काम कर सकते है जिससे यह योजनाए प्रधानमंत्री के सपने को
साकार करने का काम करेगी।



No comments:
Post a Comment
तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।