राष्ट्रीय शिखर संघ द्वारा श्री सीताराम विवाह वर्षगांठ एवं
श्रीरामचरितमानस की 442 वीं वर्षगांठ के अवसर पर मर्चेंट चेम्बर हाल में
पंचम मानस अनुशीलन का रामचरितमानस से जुड़ी हर दृश्य को राम नाम से संजोया
गया जिसमें विशिष्ट अतिथि अनिल मिश्रा क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी और
आशु अग्निहोत्री ने शिरकत की। इस दौरान पूरा हाल राम नाम से गूंज उठा।
प्रभू श्रीराम के आदर्शों व सुंदर भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल
इस
कार्य्रकम में लक्ष्मी कुमार अवस्थी ने प्रभू श्रीराम के आदर्शों को बताते
हुए कहा कि वे राम ही थे जो आर्यो को भोग विलासिता की संस्क्रति से बचाकर
एक पत्नीव्रत के मार्ग पर लाये साथ ही कई अतिथियों ने राम नाम का गुणगान
करते हुए भजनों के माध्यम से माहौल को भक्तिमय बना दिया। वही बीते दिनों
नगर के 11 महाविद्यालयों के बीच 'कैनवास पर मानस' के अंतर्गत
श्रीरामचरितमानस की चौपाइयों और दोहों पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता का
आयोजन किया गया था जिसे आज मर्चेंट चेम्बर हाल परिसर में एक्सहिबिशन के रूप
में दर्शाया गया जहां कालेजों के छात्र-छात्राओं ने पावन रामचरितमानस का
वर्णन इस अपनी आर्ट से दर्शाया यह केनवास पर मानस लोगों के आकर्षण का
केंद्र बनी हुई हैं।
याद आये रामायण के हर वह मनोरम दृश्य
हर
तरफ रामचरितमानस की दोहे और चौपाइयों का मनोरम दृश्य छात्र छात्राओं ने
अपनी पेंटिंग्स के माध्यम से दर्शाया है मर्चेंट चेम्बर हाल में लगी ये
रामचरित मानस के दोहे व चौपाइयों से जुड़े हर वह चित्र जो रामायणकाल से जुड़े
हैं एक एक चरित्र को सुंदर ढंग से दिखाया गया है मानो राम नाम ही हर जगह
गूंज से रहा हो ऐसी कैनवास पर मानस द्वारा चित्र दर्शाए गए है जिसमें
स्वर्ण मृग, सीता हरण,भरत राम मिलाप,शबरी , चित्रकूट के घाट बनवास के दौरान
राम लक्ष्मण सीता जी और रावण राम युद्ध, समेत तमाम ऐसे सुंदर दृश्य जो
रामचरितमानस से जुड़े है उन्हें चित्रों के माध्यम से उकेरा गया है।
डॉक्टर सारिका बाला मिश्रा विभागध्यक्ष चित्रकला एएनडी महाविद्यालय ने बताया कि रामचरितमानस की चौपाई और दोहों के माध्यम से रामायणकाल से जुड़ी हुई हर चरित्र को दिखाया गया है। लोग अपने अपने मन मे आजकल क्या सोचते है समाज हित के लिए भी यह रामचरित मानस बहुत जरूरी है क्योंकि कहीं न कहीं आजकल नई जनरेशन रामचरितमानस के बारे में ज्यादा जानकारी नही रखती है तो यह उनके लिए भी की वह ऐसी पॉवन रामचरितमानस के बारे में वे जान सके और जुड़ सकें। इस चित्रकला प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालय के कई बच्चो ने हिस्सा लिया है चौपाइयों और दोहों के माध्यम से पेंटिंग्स बनाई है।
एमए फाइनल की
छात्रा सपना ने बताया कि हमने स्वर्ण मृग वाले चरित्र को दोहा और चौपाई के
माध्यम से दर्शया है सीता परम रुचिर मृग देखा,अंग अंग सुमनोहर बेषा क्योंकि
यह रामायण काल में सबसे अहम हिस्सा था जहां से रामायण काल ने करवट ली इस
चित्र में स्वर्ण मृग को देख सीता मोहित हो जाती है और राम जी से उसे लाने
के लिए कहती है छात्र गुरमीत सिंह ने बताया कि मैंने
*चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीर ,तुलसी दास चंदन घिसे तिलक देत
रघुवीर वहां का दृश्य दिखाया जिसमें तुलसीदास जी राम जी के तिलक करते
हैं। वहीं प्रदर्शनी देखने आई लायबा,रोशनी और तान्या ने बताया कि अक्सर
टीवी पर ही रामायण को देखा है रामचरितमानस की अद्भुत सुंदर चित्र प्रदर्शनी
में जिस तरह दिखाया गया है बहुत ही सुंदर है और इन चित्रों के माध्यम से
हम सभी को राम चरितमानस से जुड़ी दोहा और चौपाइयां जानने में भी काफी सहायता
मिल रही।


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