विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने अपने वचन पत्र में जनता से जो वादे किए थे, उनमें से सबसे अहम वादा किसानों की कर्जमाफी का ही था.
मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार ने किसानों की कर्ज माफी के फैसले पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शपथग्रहण के तुरंत बाद कर्जमाफी के फैसले पर हस्ताक्षर किए. कांग्रेस ने इन चुनावों में वादा किया था कि वह जीतने के बाद किसानों का कर्ज माफ करेगी.कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में इस मुद्दे को सबसे प्रमुखता से उठाया था.
मध्यप्रदेश में इस फैसले के बाद किसानों का 2 लाख तक का कर्ज माफ किया जाएगा. इस फैसले के तहत 31 मार्च 2018 तक के कर्ज माफ किए गए हैं. फैसले के अनुसार, राष्ट्रीय और सहकारी बैंकों से लिए गए सभी कर्ज माफ किए जाएंगे. इसके साथ कमलनाथ ने साफ कहा कि हमारी सरकार की पहली प्राथमिकता किसान होंगे.
कृषि और सहकारिता विभाग ने पंजाब, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के मॉडल का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की है। कांग्रेस के वचन पत्र में सबसे बड़ा मुद्दा कर्ज माफी ही है। राहुल गांधी इसे लोकसभा चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बनाना चाहते हैं और इस रणनीति के तहत कांग्रेस शासित राज्यों में कर्ज माफी प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। कांग्रेस को बहुमत मिलते ही कृषि, सहकारिता और वित्त विभाग ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी थी। अधिकारियों के दल को पंजाब मॉडल का अध्ययन करने भी भेजा है।

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