रिपोर्ट-राज आर्या
बड़े झुण्ड किसानों के खेतों में बेसहारा पशुओं के बड़े झुंड फिरते हैं। जिस खेत में ये पशु घुस जाते हैं वहां फसल का सफाया कर देते हैं। रात के समय ये बेसहारा पशु फसलों का अधिक नुक्सान करते हैं और दिन चढऩे तक पेट भर कर वापस आ जाते हैं।
रुधौली विकास क्षेत्र के किसानों को
छुट्टा पशुओं के बढ़ती संख्या के चलते इस शीतलहर व ठंड में फसल बचाना भारी
पड़ रहा है। सब्जी की फसल को कौन कहे दलहन तिलहन व गेहूं की भी रखवाली करनी
पड़ रही है।
पशु झुंड बनाकर खेतों में घुस जा रहे हैं और फसल तहस-नहस कर दे
रहे हैं। किसान यदि उन्हें रोकने पहुंचते हैं तो उनपर हमला भी कर देते
हैं।
क्षेत्र के शालिकराम,झीनक, राम केदार ,गंगाराम, पूजन, हरीराम
इन्द्रजीत, विजय, राम बहोरे, सहित किसानों का कहना है कि पशु पालक अपनी
गायों के बछड़े छोड़ देते हैं। यह पशु रात हो या दिन किसी भी समय खेत में घुस
जाते हैं। इन्हीं पशुओं की वजह से बड़ी संख्या में किसानों ने दलहन और
तिलहन की खेती छोड़ दी है।बिजलपुर,सुरवार कला,पिपरा कला,डडवा पाण्डेय,डडवा
तिवारी,टिकरी,छपिया,हसनी,हटवा, रानीपुर,बासखोर,रायठ,नकहा आदि में छुट्टा पशुओं का आतंक है।

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