ब्यूरो कानपुर - रवि गुप्ता
शुक्रवार को डीजीपीजी कालेज में रसायनशास्त्र विभाग में एमएससी द्वितीय वर्ष की छात्राओं ने फूलों के निष्कर्षण द्वारा और उससे निकलने वाला ऑयल जो ह्यूमन लाइफ के लिए भी उपयोगी होगा जिसको लेकर एमएससी फाइनल की छात्राओं ने प्रोजेक्टर पर अपने अपने प्रेजेंटेशन दिए और हाल में बैठे हुए छात्राओं को उसके गुणों के बारे में जानकारी दी। यहां की छात्राओं ने इस प्रयोग के लिए दो फूलों का प्रयोग किया है जिसमें गुड़हल और गेंदा के फूलों का निष्कर्षण किया और उसकी कितनी जरूरी है ह्यूमन लाइफ के लिए यह भी बताया।
गुड़हल और गेंदे से निकलने वाला ऑयल स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी
फूलों
से कितने लाभकारी गुण है शायद ही आप जानते हो जी हां लेकिन यह सत्य है कि
ताज़े फूलों को तो लोग प्रयोग में लाते ही है साथ ही अब जो फूल वेस्टेज हो
जाते है या मंदिरों में चढ़ जाते है और लोग उन्हें फिर वेस्टेज के रूप में
इधर उधर फेंक देते है तो इन्हें फेंकने के बजाय इनके गुणों को जाने गेंदे
के फूल हो या गुड़हल या कोई फूल सभी मे कोई न कोई औषधि छिपी हुई होती है
रसायन शास्त्र के विभाग ने एमएससी द्वितीय वर्ष की छात्राओं ने रिसर्च किये
है।
रसायनशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉक्टर रचना प्रकाश ने बताया कि छात्राओं ने गुड़हल और गेंदे के फ्रेश और वेस्टेज फूलों का प्रयोग कर उसका ऑयल एक्सट्रेक्ट किया और ऊनसे निकलने वाले ऑयल कम्पोनेंट कितना आवश्यक है ह्यूमन लाइफ के लिए यह प्रेजेंटेशन में दर्शाया साथ ही यह रिसर्च के लिए यह बहुत जरूरी है। यहां छात्राओ ने ताजे फूलों के साथ मन्दिर में प्रयोग किये हुए फूलो का प्रयोग किया है। खास बात यह है कि यह पूरा इको फ्रेंडली है और यह नेचुरोपैथी में इसका प्रयोग भी किया जा रहा है। जिससे कई स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का निदान किया जा सकता है। गुड़हल के फूलों का उपयोग करने से शरीर में उत्तपन्न कई बीमारियों से छुटकारा दिलाया जा सकता है जैसे कोलेस्ट्रॉल घटाने में मदद ,मधुमेह,किडनी स्टोन,गाल ब्लेडर स्टोन निकालने के लिए,मेमोरी पावर बढ़ाने के लिए और मुंह के छाले ठीक करने में इसका उपयोग किया जाता है। जबकि गेंदे के फूल का उपयोग खूनी बवासीर में,इत्र बनाने में ,प्राकृतिक मेहंदी बनाने में ,एंटी ऑक्सीडेंट,एंटी बायोटिक आदि के लिए उपयोगी है।
छात्रा वैशाली ने बताया कि हमने
गेंदे के फूल का निष्कर्षण कर उसका ऑयल बनाया है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए
कितना उपयोगी है जिसको इस प्रेजेंटेशन के जरिये यहां बताया गया वैशाली ने
बताया कि जरूरी नही की फ्रेश फूल हो प्रयोग किये हुए फूलों का भी उपयोग
करते हुए उसे रिसाइकील करते हुए और उसका निष्कर्षण करते हुए यह ऑयल बनाया
जा सकता है रिसर्च करने के बाद यह पता चला कि इसका प्रयोग से मानव शरीर की
कई स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओ पर कंट्रोल किया जा सकता है बाल
ग्रोथ,एलर्जी,एक्ज़िमा जैसी समस्याएं भी इसके प्रयोग से ठीक किया जा सकता है
इसका एक्सट्रैक्शन करने में हम सभी को 30 दिन का समय लग गया यह एक्सपर्ट
के द्वारा ही इसका रिसर्च किया गया है यह ह्यूमन लाइफ के लिए बहुत ही
उपयोगी है।
इस संगोष्ठी में डॉ अलका श्रीवास्तव, डॉ शशि अग्रवाल, डॉ अर्चना
दीक्षित, अर्चना श्रीवास्तव व अंजली राज श्रीवास्तव उपस्थित रही।



No comments:
Post a Comment
तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।