रिपोर्ट -पुनीत मिश्रा
फर्रुखाबाद
जिले के थाना कायमगंज के ग्राम पिथौरा में एक गरीब महिला की ठंड से मौत हो
गई। यह महिला बीपीएल कार्ड धार की श्रेणी में आती थी और 5 साल पहले इसने
ग्राम प्रधान से सोने के लिए छत दिए जाने की मांग की थी।
इस गरीब की न
तो ग्राम प्रधान ने सुनी और ना ही तहसील के अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं
दिया। नतीजतन सोमवार को ठंड से उसकी मौत हो गई सबसे दुखद बात तो यह है कि
जीते जी इस महिला को प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं दी गई और महिला के मरने
की खबर सुनकर तहसीलदार कायमगंज मौके पर पहुंचे और उन्होंने महिला के पति
छोटे लाल को 5 कंबल और 20 किलो चावल देकर परिवार पर महरम लगा दिए। इस
महिला के 4 साल की बच्ची पिंकी अपनी मां की याद में बुरी तरह से तड़प रही
है महिला का पति छोटेलाल शरीर से काफी कमजोर है।
हालांकि गांव वाले मौके पर
पहुंचे तहसीलदार से महिला की गरीबी के बारे में बता रहे हैं ।महिला के
भांजे का कहना है कि ग्राम प्रधान ने यह कहकर उसकी मां श्रीमती शकुंतला
देवी उम्र 24 साल को आवास नहीं दिया कि वह जिस भूमि पर रह रही है वह ग्राम
समाज की है ।गांव वाले भी इस गरीब महिला की सर्दी से हुई मौत मौत का
जिम्मेदार ग्राम प्रधान को ठहरा रहे हैं। फिलहाल अति गरीब शकुंतला देवी
मौजूदा समय में टूटी फूटी झोपड़ी में रही थी ।शीतलहर में उसकी जान चली गई।
महिला के पति छोटेलाल ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है ।
तहसीलदार
समेत कायमगंज के प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डेरा डाले हुए हैं। गांव वालों
का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना इंदिरा आवास योजना यह सब योजनाएं
गरीबों के लिए नहीं है। इनका लाभ तो प्रधान के खासम खास लोग उठाते हैं।
गरीब तो आज भी झोपड़ियों में निवास कर रहे हैं इस महिला को ही नहीं ।इस
गांव के कई गरीबों को शौचालय भी नहीं दिया गया है जिसका दर्द उनसे बातचीत
करने पर उकर आया। सबसे बड़ी बातें है कि जिस गांव में महिला की मौत हुई है
वह गांव पूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन का गांव है और केन पूर्व केंद्रीय
मंत्री सलमान खुर्शीद की जन्म भूमि है शीर्ष नेताओं के गांव में एक गरीब की
सर्दी से जान जाना चर्चा का विषय बना हुआ है।
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