ब्यूरो कानपुर - रवि गुप्ता
मुस्लिम डेमोक्रेटिक फ्रंट के तत्वावधान में परेड स्थित शिक्षक पार्क में
मौलाना मोहम्मद अली जौहर जे 140 वें जन्मदिवस के अवसर पर उन्हें याद करते
हुए उनके द्वारा किये गए देश की स्वतंत्रता के लिए किए गए कार्यो से सभी को
अवगत कराया गया साथ ही एक विचार गोश्ठी का आयोजन किया गया।
भारत में चलाए गए कई आंदोलन में किया जाता है इन्हें याद
डेमोक्रेटिक फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाकिर अली उस्मानी ने कहा कि आज मौलाना अली जौहर के 140 वें जन्मदिनवस के अवसर पर उन्हें नमन करते हुए याद किया और हम सभी एकत्र होकर आये हुए वक्ताओं ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला उन्होंने बताया की मौलाना मोहम्मद अली जौहर जी का जन्म 10 दिसम्बर 1878 को रामपुर रियासत में हुआ थाउन्होंने आज़ादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी आज़ादी की लड़ाई में प्रथम व्यक्तियों में से प्रथम व्यक्ति थे जिन्होंने इंग्लेंड में गोलमेज सम्मेलन द्वितीय कांफ्रेंस में उन्होंने अपनी तकरीर में कहा कि भारत देश को आजाद करो मैं गुलाम भारत में वापस नहीं जाऊंगा साथ ही उन्होंने कहा था कि मुझे हिंदुस्तान की मुकम्मल आजादी चाहिए या तो तुम मुझे आज़दी का परवाना देना होगा या मुझे दो गज जमीन देना होगा में गुलाम मुल्क में वापस नही जाऊंगा गोल मेज सम्मेलन में आने से पहले वे अपनी माता पिता से वादा किया थाकि या तो मुल्क को आजाद कराने का परवाना लेकर आऊंगा या गुलाम भारत में वापस नही आऊंगा वे अपनी इस बात पर कायम रहे और वापस भारत नही आये। अंग्रेजो को मुंहतोड़ जवाब दिया था साथ ही उन्होंने महात्मा गांधी को महात्मा बनाने में अहम भूमिका अदा की थी।
उन्होंने दो अखबार भी निकाले
कामरेड और हमदर्द जिससे वे अंग्रेजो के खिलाफ़ अपनी लेखनी से कई आंदोलन
चलाते रहे। वे पहले व्यक्ति थे जो मुस्लिम लीग और कांग्रेस पार्टी के एक
साथ अध्यक्ष भी रहे उन्होंने अंतिम सांस इंगलैंड और उनकी कब्रगाह फिलिस्तीन
में मौजूद है जिसमें लिखा है मुजाहिदे हिंदी। आज हम सभी ने उन्हें याद
किया है।
इस अवसर पर प्रदीप यादव,हाजी मोइनुद्दीन, मो इरफान समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

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