ब्यूरो कानपुर - रवि गुप्ता
आधुनिक हो चुकी जीवनशैली में इंटरनेट ने इसकदर अपना
प्रभाव जमा लिया है कि अब बच्चो के साथ बड़े बुजुर्ग भी पेन कापी को छोड़कर
गैजेट्स से जूझ रहे है जिसके चलते उनकी जीवनशैली ने अपना घर बना लिया है और
वह आत्मविश्वास को छोड़कर निराशा से घिरते जा रहे है। इन्ही समस्याओं को
लेकर सपोर्ट फॉउन्डेशन द्वारा शहर के विभिन्न स्कूलों व इंस्टीट्यूट में
ब्रेन शार्प करने की कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज
रामादेवी स्थित आरजी एकेडमी स्कूल में इंस्टीट्यट फार ब्रेन शार्पनेस
द्वारा एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
लॉजिक को मैजिक में परिवर्तित कर मिल सकता है नया मुकाम
इस
कार्यशाला में मुंबई से आये ग्राफोलोजिस्ट आईबीएस के फाउंडर मिहिर
नारिचानिया और हीरल नारिचानिया ने बच्चो और उनके अभिभावकों व टीचर्स को
उनके हस्तलेख व हस्ताक्षरों के माध्यम से उनके निजी जीवन के व्यक्तिगत व
व्यवहारिक जीवन शैली की जानकारी दी। कार्यशाला में बताया गया कि जीवन मे
परिवर्तन लाने के लिए मैजिक की जरूरत होती है मैजिक तभी होता है जब हमारे
जीवन मे कोई लॉजिक होता है लॉजिक को मैजिक में परिवर्तित कर हम अपने जीवन
को एक उच्चस्तरीय मुकाम दे सकते हैं। ट्रेनर हीरल नारिचानिया ने बताया कि
आज यहां 100 से ज्यादा बच्चे अब तक सेमिनार का हिस्सा बन चुके है।
हस्ताक्षर देख यह पता लगाया जा सकता है कि बच्चा का स्वभाव किस तरह का है
क्या सोचता है। आजकल बच्चो में काफी गुस्सा रहता है, उनका पढ़ाई में मन नही
लगता है ,पेरेंट्स की बात नही सुनते है ,गैजेट्स से घिरे रहते है ऐसी तमाम
चीज़ों से बच्चे बाहर नही निकल पाते नतीजा डिप्रेशन के चलते ज्यादातर बच्चे
हो या बड़े नकारात्मक विचारो से घिरे रहते है और गलत स्टेप उठा लेते है।
इसलिए उनके कांफिडेंस लेवल को ग्रोथ करने के लिए मोटिवेट टिप्स दिए गए हैं
जिससे बच्चो का आत्मविश्वास काफी बढ़ सकता है। अल्फाबेट के जरिये शब्दों का
चयन कर इसे इम्प्रूव किया जा सकता है। एक्सपर्ट ग्राफोलॉजिस्ट मिहिर ने
बताया कि आज के समय मे बच्चो और अभिभावक के बीच दूरियां बढ़ती जा रही है
आखिर ऐसा क्यों हम सभी ने बच्चो के पेरेंट्स को भी मोटिवेट किया है आपको
अपने बच्चों को देखना चाहिए उसकी हर एक्टिविटी को देखें बच्चे झूठ बोलने
लगे है माता पिता से इसलिए पेरेंट्स और बच्चों की बॉन्डिंग होना आवश्यक है।
यहां हमारी टीम ने बच्चो और अभिभावकों के हस्ताक्षर व हस्तलेख से उनके
निजी जीवन के व्यक्तित्व को निखारने के टिप्स दिए हैं। छात्रा पूर्वी ने
बताया कि मेरे हस्ताक्षर से अपनी जीवनशैली मालूम चली मेरे साइन को देखकर
उन्होंने कहा कि आपका आत्मविश्वास कम होता जा रहा है आप पास्ट के बारे में
ज्यादा सोचती है और डिप्रेशन में रहती हो यहाँ एकपर्ट्स ने हस्ताक्षर सही
ढंग से करने के टिप्स दिए और जिससे मेरा कांफिडेंस लेवल काफी बढ़ा है और मैं
आईबीएस के जरिये प्रयास जारी रखूंगी


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