मायावती ने बताई कांग्रेस को साथ न लेने की वजह - Tahkikat News

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Saturday, 12 January 2019

मायावती ने बताई कांग्रेस को साथ न लेने की वजह




उत्तर प्रदेश में 38-38 सीटों के बंटवारे के साथ ही मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह साफ कर दिया है कि इस गठबंधन में कांग्रेस उनके साथ नहीं है. इतना ही नहीं मायावती ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वो भी बीजेपी की तरह है और कांग्रेस का वोट बैंक कभी भी हमारे में ट्रांसफर नहीं होता. इसके साथ ही माया ने कहा है कि अमेठी और रायबरेली की सीट कांग्रेस और 2 अन्य सीट दूसरे दलों के लिए छोड़ दिया गया है जिसपर सपा -और बसपा अपने कैंडिडेट नहीं उतारेगी.

लखनऊ में संयुक्त प्रेस वार्ता में कांग्रेस के गठबंधन में शामिल न होने को लेकर मायावती ने कहा, 'आजादी के बाद काफी लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी ने एकछत्र राज किया है। गरीब, मजदूर, किसान और व्यापारी इनके शासन में परेशान रहे हैं। ऐसे समय में बीएसपी और एसपी सहित अन्य पार्टियों का उदय हुआ। केंद्र या राज्य में चाहे सत्ता बीजेपी के पास रहे या कांग्रेस के बात एक ही है।' कांग्रेस पर जमकर बरसीं मायावती इस मौके पर मायावती ने यह भी कहा कि कांग्रेस के गठबंधन में शामिल होने पर एसपी और बीएसपी को कोई फायदा नहीं होता। बीएसपी सुप्रीमो ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी के बारे में यह सर्वविदित है कि एसपी और बीएसपी को गठबंधन से कोई खास लाभ नहीं होने वाला है। उनका अधिकांश वोट ट्रांसफर नहीं होता है। बीजेपी या जातिवादी पार्टियों को चला जाता है। या फिर सोची समझी साजिश के तहत दूसरी ओर चला जाता है। कांग्रेस जैसी पार्टियों को हमसे पूरा लाभ मिल जाता है लेकिन हमारे जैसी ईमानदार पार्टियों को कोई लाभ नहीं मिलता है। इसका कड़वा अनुभव 1996 के विधानसभा चुनाव में हमें मिला था।' इस दौरान मायवती ने यह भी कहा, अमेठी और रायबरेली दोनों सीटें कांग्रेस के साथ बिना कोई गठबंधन के लिए छोड़ दी हैं। पढ़ें: गठबंधन: करिश्मा कर पाएंगे माया-अखिलेश? 'बोफोर्स से कांग्रेस गई, राफेल से जाएगी बीजेपी' उन्होंने आगे कहा, 'देश में रक्षा सौदों की खरीद में दोनों पार्टियों की सरकारों में जबरदस्त घोटाले हुए। कांग्रेस को बोफोर्स मामले में केंद्र की सरकार गंवानी पड़ी। बीजेपी को राफेल घोटाले को लेकर अपनी सरकार जरूर गंवानी पड़ेगी।' बीएसपी प्रमुख ने कहा, वर्तमान में प्रदेश की बीजेपी सरकार अपने विरोधियों को कमजोर करने के लिए 1975 में लगी इमर्जेंसी से कम नहीं नजर आता है। कांग्रेस राज में घोषित और बीजेपी के राज में अघोषित इमर्जेंसी है।

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