ब्यूरो कानपुर - रवि गुप्ता
किलकारी शब्द सुनते ही महिला हो या पुरुष सभी के दिलो दिमाग मे मासूम
बच्चो का ख्याल छा जाते है यह बच्चे आम लोगों के हो या खास के हो। सभी
बच्चो की मासूम किलकारियों को सुनने की तमन्ना संजोए रहते है कुछ ऐसी ही
तमन्नाएं पुरुषों के कंधों से कंधा मिलाकर कार्य करने वाली महिला
पुलिसकर्मियों की भी होती है इसे पूरा करने के लिए पुलिस विभाग ने पुलिस
लाइन में सामाजिक संस्था फिक्की फ्लो के साथ मिलकर किलकारी कक्ष की
व्यवस्था की है.पुलिस लाइन में आईजी आलोक सिंह ने किलकारी कक्ष का लोकार्पण
किया इस मौके पर आईजी आलोक सिंह ने बच्चो के साथ खेलकर अपना बचपना भी याद
किया वहीं उनसे पढ़ाई में आगे बढ़ने का आवाहन भी किया।
आईजी
ने कहा कि इस कक्ष का निर्माण करने का मुख्य उद्देश्य है कि नँन्हे
मुन्नों बच्चो के चलते महिला पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का पालन कर पाने
में असमर्थ थी ड्यूटी के वक्त पर उनके बच्चे बेसहारा होते थे इसीलिए यहां
पर किलकारी कक्ष बनाया गया है जिससे वह निश्चिन्त होकर अपने कर्तव्यों का
पालन कर सके और उनके बच्चे भी सुरक्षित हाथों में सुरक्षित रहेंगे।


No comments:
Post a Comment
तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।