रिपोर्ट - विशाल सिंह
उन्नाव जनपद में चर्चित रहा माखी कांड में रेप पीड़ता के चाचा महेश सिंह को फ्रॉड औऱ कोर्ट में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने को उन्हें उन्नाव जेल भेज दिया गया था और बाद में उन्हें रायबरेली जेल भेज दिया गया था इसी बीच महेश सिंह की माँ की बीमारी के चलते मृत्य हो गई इस बात की जानकारी के बाद महेश को अंतिम संस्कार के लिए पैरोल पर रिहा करने की याचिका उन्नाव न्यायालय में पेश किया गया लेकिन महेश सिंह की याचिका को न्यायालय ने न मंजूर कर दिया और बाद में लखनऊ हाईकोर्ट में
याचिका डाली गई जिसके बाद हाईकोर्ट ने डीएम उन्नाव व रायबरेली डीएम को आदेश
दिया और अंतिम संस्कार के लिए 12 घंटे की रिहाई दी गई और महेश सिंह को
पुलिस बल व पीएसी के निगरानी में उन्हें गांव लेकर आई लेकिन इतने दिनों तक
जमानत न मिलने से महेश सिंह की माँ का शव 4 दिन तक रखा रहा और 5 वे दिन अर्थी को कांधा दिया गया
और उसका अंतिम संस्कार किया गया वही महेश सिंह जब मीडिया से रूबरू हुए तो
उन्होंने आरोपो लगाया कि जेल अधीक्षक ने मुझे जबरदस्ती वहां भिजवा दिया
अकारण ।इसलिए मेरी माता जी का देहांत हो गया सदमे के कारण वही ये भी कहा कि न
हम अपराधी थे न वसूली मांगते थे न ही किसी को धमकाते थे हमको जबरदस्ती रायबरेली
जेल ट्रांसफर किया गया था इसीलिए माता जी का निधन हुआ है अगर हम यही उन्नाव जेल में रहते तो मेरी माता जी को सदमा न लगता न ही मृत्यु होती ।
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