ब्यूरो बनारस -कैलाश सिंह विकास
जम्मू से श्रीनगर जा रहे 25 सौ से अधिक सीआरपीएफ के जवानों के 78 वाहनों में से एक बस में आतंकियों ने गुरुवार को अपना निशाना बाना लिया। इस आत्मघाती हमले में 40 के करीब जवान शहीद हुए हैं। भारत मां के इन अमर सपूतों की आत्मा की शांति के लिए वाराणसी में हर शाम आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्द दैनिक संध्या गंगा आरती भी दो मिनट के लिये ठहर गयी।
पूरी दुनिया और भारत के हर हिस्से से यहां आये पर्यटकों ने आरती से पहले दो मिनट का मौन रखकर पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
इस सम्बन्ध में गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने कहा कि आतंकवादियों ने जो कायराना हरकत कश्मीर में की है वह निंदनीय है। हम एक साथ इतनी संख्या में मारे गए जवानों के परिजनों के साथ हैं। उन सभी की आत्मा की शान्ति के लिये आज हम सभी ने गंगा आरती के पहले दो मिनट का मौन रखकर भारत मां के वीर सपूतों को नमन किया है।
बता दें कि साल 2016 में हुए उरी हमले के बाद ये देश में आतंकवादियों का सबसे बड़ा हमला है और इसकी ज़िम्मेदारी आतंकवादी संगठन जैशे मोहम्मद ने ली है। इस आतंकवादी घटना से पूरा देश गुस्से से भर गया है।
जम्मू से श्रीनगर जा रहे 25 सौ से अधिक सीआरपीएफ के जवानों के 78 वाहनों में से एक बस में आतंकियों ने गुरुवार को अपना निशाना बाना लिया। इस आत्मघाती हमले में 40 के करीब जवान शहीद हुए हैं। भारत मां के इन अमर सपूतों की आत्मा की शांति के लिए वाराणसी में हर शाम आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्द दैनिक संध्या गंगा आरती भी दो मिनट के लिये ठहर गयी।
पूरी दुनिया और भारत के हर हिस्से से यहां आये पर्यटकों ने आरती से पहले दो मिनट का मौन रखकर पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
इस सम्बन्ध में गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने कहा कि आतंकवादियों ने जो कायराना हरकत कश्मीर में की है वह निंदनीय है। हम एक साथ इतनी संख्या में मारे गए जवानों के परिजनों के साथ हैं। उन सभी की आत्मा की शान्ति के लिये आज हम सभी ने गंगा आरती के पहले दो मिनट का मौन रखकर भारत मां के वीर सपूतों को नमन किया है।
बता दें कि साल 2016 में हुए उरी हमले के बाद ये देश में आतंकवादियों का सबसे बड़ा हमला है और इसकी ज़िम्मेदारी आतंकवादी संगठन जैशे मोहम्मद ने ली है। इस आतंकवादी घटना से पूरा देश गुस्से से भर गया है।

No comments:
Post a Comment
तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।