मीडिया डेस्क
बसपा सुप्रीमो मायावती ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जोन स्तरीय संगठन को
तत्काल प्रभाव से भंग कर नए सिरे से गठन कर दिया है। अब पूरा यूपी दो
सेक्टर में होगा और उसके तीन-तीन इंचार्ज होंगे।
एक तरह से यही छह चेहरे चुनाव के दौरान पूरे प्रदेश के लिए बसपा प्रमुख के
आंख-कान होंगे। इसी तरह दो-दो मंडलों को मिलाकर एक-एक जोन की व्यवस्था
समाप्त कर दी गई है। अब प्रत्येक मंडल एक जोन की तरह होगा। सभी 18 मंडल-जोन
में दो से तीन इंचार्ज बनाए गए हैं।उच्च स्तरीय संगठन में फेरबदल का एलान बसपा अध्यक्ष मायावती ने रविवार को
पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर जिम्मेदार पदाधिकारियों की बैठक में किया।
लोकसभा चुनाव से पहले मायावती ने संगठन को नए सिरे से डिजाइन किया है।
पहले दो-दो मंडल पर एक जोन होते थे और उसमें कई-कई मुख्य जोन इंचार्ज हुआ करते थे। अब पूरे प्रदेश को दो सेक्टर में बांट दिया गया है। दोनों सेक्टर में नौ-नौ मंडल के हैं। पहला सेक्टर- बुंदेलखंड-पश्चिमी यूपी सेक्टर, दूसरा सेक्टर-अवध व पूर्वांचल यूपी सेक्टर बनाया गया है। इन दोनों सेक्टर में पार्टी के तीन-तीन पुराने और आजमाए चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह अब प्रत्येक मंडल मंडल जोन के नाम से जाना जाएगा। सभी 18 मंडलों में दो से तीन लोगों को मंडल जोन इंचार्ज की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें ज्यादातर लोग पहले से किसी न किसी रूप में संगठन से जुड़े रहे हैं।इसी तरह भाईचारा संगठन भी पहले दो-दो, तीन-तीन मंडल पर थे। अब हर मंडल पर भाईचारा का संगठन होगा। ऊपर स्तर पर संगठन के पुनर्गठन के बावजूद जिला, विधानसभा, सेक्टर व बूथ पर कोई बदलाव नहीं होगा। इन संगठनों केमौजूदा पदाधिकारियों के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा।
अवध व पूर्वांचल यूपी सेक्टर की इन्हें मिली जिम्मेदारी
घनश्याम चंद्र खरवार, पूर्व सांसद (अंबेडकरनगर)
नौशाद अली, पूर्व एमएलसी (कन्नौज)
अखिलेश अंबेडकर (लखनऊ)
घनश्याम चंद्र खरवार, पूर्व सांसद (अंबेडकरनगर)
नौशाद अली, पूर्व एमएलसी (कन्नौज)
अखिलेश अंबेडकर (लखनऊ)
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