वाराणसी -बी.एच .यू. बदमाशों की गोलीबारी से घायल छात्र गौरव की इलाज के दौरान मौत - Tahkikat News

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Wednesday, 3 April 2019

वाराणसी -बी.एच .यू. बदमाशों की गोलीबारी से घायल छात्र गौरव की इलाज के दौरान मौत




रिपोर्ट -कैलाश सिंह विकास 

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के बिड़ला हॉस्टल के गेट पर मंगलवार की शाम जिस एमसीए छात्र गौरव को बेखौफ बदमाशों ने गोली मार कर घायल किया था उसकी मंगलवार व बुधवार की देर रात इलाज के दौरान ट्रामा सेंटर में मौत हो गई। छात्र की मौत के बाद साथियों व विभिन्न छात्र संगठनों में उबाल आ गया। ऐसी स्थिति में विश्वविद्यालय प्रशासन ने आधी रात बात के घटनाक्रम के मद्देनजर एहतियातन बुद्धवार को विश्वविद्यालय में अवकाश घोषित कर दिया। इधर छात्रों ने फिर से चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह को पद से हटाने की मांग उठा दी है।

बता दें कि लंबे अरसे से विश्वविद्यालय की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होते रहे हैं। हर बार आंतरिक सुरक्षातंत्र सुरक्षा के सवाल पर फेल होता रहा है। लेकिन मंगलवार की शाम जिस तरह की खौफनाक घटना हुई उसके बाद से विश्वविद्यालय की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया। बता दें कि छात्र करीब दो साल से परिसर की सुरक्षा को लेकर सुरक्षातंत्र को घेरे में लेते रहे हैं पर विश्वविद्यालय प्रशासन हमेशा उनकी बातों की अनदेखी करता रहा है। लेकिन अब छात्रों ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का मन बना लिया है। विभिन्न छात्र संगठनों की मंशा को भांपते हुए ही प्रशसान ने बुधवार को अवकाश घोषित कर दिया है।

बता दें कि मंगलवार की शाम एमसीए का छात्र गौरव बिड़ला हॉस्टल के गेट पर अपने कुछ दोस्तों से बात कर रहा था तभी दो बाइक पर सवाल चार बदमाश आए और करीब 10 राउंट गोलीबारी कर गौरव को अधमरा कर दिया। फिर वो मौके से भागने में भी सफल रहे। गौरव के साथियों ने ही उसे ट्रामा सेंटर पहुंचाया था जहां आधी रात बाद करीब डेढ़ बजे उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना पाते ही साथी छात्रों के साथ अन्य स्टूडेंट बीएचयू ट्रामा सेंटर में जुट गए। 

छात्रों के गुस्से को देखते हुए मौके पर पुलिस के साथ ही पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स को भी बुला लिया गया था। गौरव सिंह की मौत की पुष्टि विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ने की। जिसके बाद मौके पर मौजूद डीएम और एसएसपी ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की प्रक्रिया शुरू कराई। इस मामले में पुलिस में बीएचयू परिसर के अंदर से चार युवकों को हिरासत में लिया है। माना जा रहा है कि गौरव पर गोली चलाने वाले दो युवकों सहित इस हत्याकांड में कुछ और लोग भी शामिल हैं। पूरी रात परिसर में तनाव कायम रहा। जगह-जगह पर फोर्स और स्टूडेंट आमने-सामने डटे रहे। गौरव के पिता राकेश सिंह और छोटे भाई सौरभ का रो-रो कर बुरा हाल था।

इस बीच विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ राजेश सिंह ने बताया कि एमसीए द्वितीय वर्ष के गौरव सिंह को विश्वविद्यालय से निष्कासित किया जा चुका है। परिसर में हुई आगजनी की घटना में उसे दोषी मानते हुए प्रशासन ने उसे निष्कासित करने का फैसला लिया था। उन्होंने बताया कि छात्र की मौत के बाद देर रात वीसी आवास पर हुई बैठक छात्र की मौत पर शोक जताते हुए बुधवार को अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया गया।

इस बीच बीएचयू के निष्कासित स्टूडेंट गौरव सिंह की हत्या के मामले में मौके पर पहुंचे डीएम सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कैंपस का माहौल बिगाड़ने वाले छात्रों को चिन्हित कर उन्हें विश्वविद्यालय से निष्कासित करने की संस्तुति भी की जाएगी। जरूरत पड़ने पर कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों ने उठाए परिसर की सुरक्षा पर सवाल 

घटना के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय के परिसर में हुई इस घटना और हमलावरों के मौके से भाग निकलने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस वारदात की उच्च स्तरीय जांच की मांग भी की है। घटना के बाद लंका थाने की पुलिस और भारी संख्या में पुलिस बल को बीएचयू परिसर में भेजा गया, जिसके बाद अधिकारियों ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर अपनी जांच शुरू की। हालांकि इस घटना के बाद अब तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है।

समाजवादी छात्र परिषद की विश्वविद्यालय इकाई के नेता आशुतोष सिंह इशु ने विश्वविद्यालय प्रशासन की नीयत पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा है कि विगत दिनों छात्रावासों की तलाशी के दौरान चीफ़ प्रॉक्टर पत्रकारों, छात्रों यहां तक कि विकलांग छात्र से भी उलझती हैं। विकलांग छात्र की पिटाई की जाती है। चीफ प्रॉक्टर आंख फोड़ने की धमकी देती हैं।

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