महेन्द्र मिश्रा ब्यूरो
कांग्रेस पर हमलावर होते हुए उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि देश
को लूटने, खसोटने व बर्बाद करने वाले हाथ के पंजे की अब देश को जरूरत नहीं
है। इस पंजे ने ही देश में भ्रष्टाचार किया है व आपस में भाई-भतीजावाद करके
बांटा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 150 से ऊपर जो विकास की योजनाए
चलाई और मोदी योगी की डबल इंजन की सरकार ने जो विकास कार्य किए हैं विपक्ष
उनसे डरा हुआ है। विपक्ष आज मुद्दाविहीन है और इसीलिए अनर्गल आरोप लगा रहा
है। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में विपक्ष ने मोदी जी के लिए अपशब्दों
को प्रयोग किया था तब विपक्ष का सूपडा साफ हो गया था। आज भी विपक्ष कुछ
वैसा ही कर रहा है तो जनता उसका उचित जवाब देगी और यूपी में जो यह गठबंधन
हुआ है उसकी गांठ जल्द ही खुल जाएगी। सिद्धार्थनगर, बस्ती, कानपुर व
मिश्रिख में चुनावी जनसभाओं को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में
हुई
पुलवामा की घटना के बाद मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने घर में घुसकर
बदला लिया है। प्रधानमंत्री जी के मजबूत नेतृत्व में हमारी सेना ने ईंट का
जवाब पत्थर से दिया है इसलिए आज आतंकी डरा हुआ है। आज हाल यह है कि मोदी जी
अगर आंख तरेर दें तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री डर जाते हैं। इसके विपरीत
देश में एक दल ऐसा भी है जिसके अध्यक्ष संसद में आंख मारते हैं और उपहास का
पात्र बनते हैं। उन्होंने कहा कि जनता को अपने बीच में राष्ट्रविरोधी
ताकतों को पहचाना होगा। उन्होंने कहा कि जो देशभक्त हैं वो स्वाभाविक रूप
से भारत माता की जय बोलते हैं। डा शर्मा ने कहा कि आज देश बदल रहा है और
ऐसे समय में कुछ ताकतें देश तोडने का काम कर सकती हैं। अभी कुछ दिन पहले ही
एक राजनीतिक दल का घोषणा पत्र जारी हुआ है जिसमें देश को तोडने वाली धारा
370 को मजबूत करने की बात कही गई है। इतना ही नहीं राष्ट्रद्रोह के मामलों
में दण्ड के प्रावधान को भी समाप्त करने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि
यह ऐसे लोग है जो कश्मीर के देशभक्त लोगों के बारे में नही बोलते हैं। ये
कश्मीर से उत्पीडित करके भगाए गए कश्मीरी पंडितों को फिर से बसाने की बात
नहीं कहते हैं। यह कश्मीर से सुरक्षा बलो को हटाने की बात करते हैं। यह
टुकड- टुकडे गैंग को बचाने के लिए ही राष्ट्रद्रोह की धारा को समाप्त करने
की वकालत करते हैं। ये ऐसे लोग है जो भारत में रहते हैं, भारत की खाते हैं
पर जब देश को एक करके मजबूत करने की बात होती है तो देश को बांटने की बात
करते हैं और अपने घोषणापत्र में इसका जिक्र भी करते हैं। इन लोगों ने
राष्ट्रधर्म को कलंकित करने की साजिश रची है। यह वोट धर्म को मानने वाले
लोग हैं। ऐसे लोगों के लिए ही प्रधानमंत्री ने देश का जागरण किया है।
उन्होंने कहा कि हमे देश की सेना पर गर्व है जिसके जवान देश के लिए शहीद तो
हो जाते हैं पर देश को बंटने नहीं देते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर दोहरे
मापदण्ड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह 1971 की कार्रवाई का श्रेय तो
इंदिरा जी को देती है पर जब मोदी जी के नेतृत्व में कार्रवाई होती है तो
उसका श्रेय प्रधानमंत्री को देने पर ऐतराज जताती है। वे मोदी जी का नाम
लेने पर ऐतराज जताते हैं पर प्रधानमंत्री तक कहते हैं कि शौर्य हमारी सेना
का है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में अक्षरधाम से लेकर बाबा विश्वनाथ
की नगरी व अयोध्या तक में आतंकी वारदाते करते थे व भाग जाते थे। आज उस तरह
के हालात नहीं हैं। आज अगर आतंकी आते हैं तो वह कश्मीर की वादियों से पार
नहीं आ पाते हैं। हमारी सेना उन्हे ठिकाने लगाती है। डा. शर्मा ने कहा कि
सेना का मनोबल बढाने के लिए प्रधानमंत्री को श्रेय मिलना ही चाहिए।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्ष में महंगाई रुक गई है तथा भ्रष्टाचार हुआ
ही नहीं और विकास की तो होड लग गई। उन्होंने कहा कि भारत माता की जय बोलने
के लिए अब पंजे की जरूरत नहीं है बल्कि दलित, पिछडा व अगडा सभी बंद मुठ्ठी
की तरह मिलकर मुठ्ठी बन्दकर भारत माता की जय बोलें। यह भारत माता की जय
केवल हिन्दू ही नहीं बल्कि बजरंगबली और अली के अनुयायी एक साथ मिलकर
बोलें। उनके साथ इन सभाओं में सिद्धार्थ नगर में सांसद जगदम्बिका पाल, राजेन्द्र
त्रिपाठी, लालजी पाल एवं बस्ती में सांसद हरीश द्विवेदी, राम श्रंगार, पवन
कसौधन, श्रीराम चैहान और कानपुर में मंत्री व प्रत्याशी सत्यदेव पचैरी,
अनिता गुप्ता, सुरेन्द्र मैथानी, मणिकान्त जैन तथा मिश्रिख में अशोक रावत,
राजकुमार अग्रवाल, अक्षत मिश्र, सौरभ मिश्र आदि प्रमुख रूप से उपस्थित
रहे।
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