रिपोर्ट - उमेश शुक्ला
जहां सरकार महिला सुरक्षा की बात कर रही है वही आपको बताते चलें उन्नाव पुलिस उन सब योजनाओं को ठेके पर रखते हुए अपनी मनमानी कर रही है पूरा मामला उन्नाव का है जहाँ दहेज के लिए भेंट चढ़ी विवाहिता की मौत के दसवें दिन गिरफ्तारी न होने से परिजनों ने एसपी ऑफिस का मार्ग जाम कर जमकर हंगामा किया। योगी सरकार और पुलिस विभाग के खिलाफ हाय हाय नारेबाजी कर महिलाओं नें घंटो हंगामा किया। इधर मामले की जानकारी होने के बाद सीओ सिटी ने आक्रोशित महिलाओं को शांत कराने का प्रयास किया। हंगामे के बाद महिलाओं को अपने ऑफिस ले जाकर उन्हे शांत कराया, वही आपको बता दें कि दहेज की मांग को लेकर हो रही मौतों पर एक हफ्तें में ये दूसरा बड़ा हंगामा है, जिसमें जिला प्रशासन की विश्वनीयता को कठघरे में लाकर खड़ा किया है।
आपको बतातें चले कि बीते 11 मई को जनपद उन्नाव की सदर कोतवाली के दोस्ती नगर गांव में रहने वाली उमांगिनी सिंह की मौत हो गयी थी। पुलिस और मायके वालों की सूचना के बगैर ससुराल वालें उसके शव को घाट पर ले जाकर अंतिम संस्कार करने लगे थे। जिस पर उमांगिनी के भाई आदर्श सिंह ने पुलिस को सूचना देते हुए अंतिम संस्कार रूकवाने की गुंहार लगाई थी। घाट पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने जलती चिता को बुझाकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया था। उमांगिनी के पिता की तहरीर पर पुलिस ने 7 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। 10 दिन बीतने के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और अन्य महिलाओं के साथ परिजनों ने एसपी ऑफिस के पास रोड जाम कर दिया। हाथों में योगी सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ महिलाओं ने तख्तियां लेकर करीब एक घंटे तक हंगामा किया। जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलने पर सीओ सिटी उमेश चन्द्र त्यागी पहुंचे और पुलिस के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन को रोका। महिलाओ को रोकने पर पुलिस प्रशासन के भी पसीने छूट गए। गुस्साएं परिजनों के साथ महिला पुलिसकर्मियों ने धक्का मुक्की भी की। जिसके बाद मामला बिगड़ता देख सीओे सभी महिलाओं को साथ लेकर अपने ऑफिस पहुंंच और उनसे बात की।
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