रिपोर्ट - मोबीन मन्सुरी
कन्नौज जेल में बंद महिला बंदी ने खुदकशी का प्रयास किया। बेहोशी की
हालत में पुलिसकर्मी उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां से उसे तिर्वा मेडिकल
कॉलेज रेफर कर दिया गया। उसके गले पर फंदे के निशान पाए गए हैं। हालांकि वह
कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है। चोरी और लूटपाट के आरोप में करीब
तीन साल से जेल में थी बंदी महिला। कन्नौज जेल
में उस समय हड़कंप मच गया जब एक सजायाफ्ता 25 वर्षीय महिला ने अपनी जान देने
की कोशिश की। आनन फानन में जेल प्रशासन ने बंदी गीता देवी पत्नी मनोज
कुमार निवासी बरेली को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। उसके गले पर निशान
थे, लेकिन ये कैसे आए इस बारे में किसी ने जानकारी नहीं दी। बंदी के साथ आई
महिला आरक्षी भी चुप्पी साधे रही। हालत गंभीर होने के चलते चिकित्सकों ने
उसे तिर्वा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
वही महिला बंदी का इलाज
कर रहे डॉक्टर ने बताया कि गले पर फंदे के निशान लग रहे हैं। उपचार किया जा
रहा है। उसके चेहरे पर भी कुछ चोट के निशान हैं। महिला अभी कुछ बताने की
स्थिति में नहीं है। वहीं मामले में जिला प्रशासन से लेकर पुलिस प्रशासन
मामले में चुप्पी साधे हुए है । आज से लगभग तीन साल पहले बंदी गीता देवी ने
बदमाशों के गिरोह में शामिल होकर उनके साथ चोरी की कई वारदातों को अंजाम
दिया था। 19 मार्च 2016 को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने गीता
को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वही उसके ऊपर अपने पति मनोज कुमार की हत्या का
भी आरोप लगा था ।
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