न्यूज़ डेस्क तहकीकात लखनऊ
चुनाव के दौरान लोगों ने बताया कि कानून-व्यवस्था को लेकर वे सड़क पर पहले से कम भय महसूस करते हैं। बेटियों को स्कूल भेजने नहीं जाना पड़ता है। बेटियों का पीछा करने व छेड़छाड़ के मामलों में कमी आई है। लेकिन थाने में पुलिस का बर्ताव पहले की ही तरह उत्पीड़न वाला है। डायल-100 व ट्रैफिक पुलिस निर्द्वंद होकर लोगों का शोषण कर रही है। इसे खत्म करना होगा।
लोगों का कहना है कि सरकार चुनाव आता है तभी बड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई
करती है। दो साल बीत गए स्मारक से लेकर चीनी मिल बिक्री तक के मामले लंबित
हैं, कोई कार्रवाई नहीं हुई। चुनाव आया तो चीनी मिल मामले में सीबीआई जांच
की याद आ गई। इसी तरह प्रभावशाली नेताओं के तमाम मामले वर्षों से दबे हैं।
उन पर कोई निर्णय नहीं होता। अब देखा जाएगा कि सरकार बड़े लोगों के लंबित
मामलों को सियासी सौदे तक ही सीमित रखती है या फिर चुनाव आने पर ही याद
करेगी।
सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के बावजूद भाजपा की प्रचंड जीत से मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ का आत्मविश्वास जरूर बढ़ेगा। केंद्र में मोदी सरकार की वापसी से
योगी सरकार और मजबूती से आगे बढ़ेगी। लेकिन इस नतीजे के साथ ही योगी की
चुनौती भी बढ़ गई है योगी ने केंद्र की योजनाओं को अच्छी तरह से प्रदेश में लागू कर एनडीए
गठबंधन को 64 सीटों की जीत में अहम भूमिका निभाई। एक स्टार प्रचारक के तौर
पर भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा। सत्ता में रहते हुए तीन-तीन लोकसभा के
उपचुनाव हारने के बाद आम चुनाव में यह जीत उनके आत्मविश्वास में वृद्धि
करेगी। पर जीत की लय बरकरार रखना और 2022 के विधानसभा चुनाव में ऐसी ही
उपलब्धि हासिल करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
राज्य सरकार की मुख्य चुनौतियां
1. आवारा पशुओं की समस्या
3. पुलिस उत्पीड़न पर लगामचुनाव के दौरान लोगों ने बताया कि कानून-व्यवस्था को लेकर वे सड़क पर पहले से कम भय महसूस करते हैं। बेटियों को स्कूल भेजने नहीं जाना पड़ता है। बेटियों का पीछा करने व छेड़छाड़ के मामलों में कमी आई है। लेकिन थाने में पुलिस का बर्ताव पहले की ही तरह उत्पीड़न वाला है। डायल-100 व ट्रैफिक पुलिस निर्द्वंद होकर लोगों का शोषण कर रही है। इसे खत्म करना होगा।
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