रिपोर्ट - पुनीत मिश्रा
उत्तर प्रदेश में आये दिन शराब पीकर मौतों की खबरे आये दिन आती रहती है ।और जब प्रदेश में कोई बड़ी घटना सामने आ जाती है तो आवकारी विभाग अपनी कुम्भकरणी नीद से जाग जाता है लेकिन फर्रुखाबाद जनपद में जो कुछ चल रहा है वो सरकार और सरकारी ब्यबस्था पर सीधा सवाल खड़ा कर रही है की आज जिला प्रशसन बिना शह के यह सब कैसे चल रहा है आवकारी अधिकारी कहा है और पुलिस के कर्मी कहा है हालत फर्रुखाबाद जनपद के कोतवाली सदर इलाके तक़रीबन आधा दर्जन सरकारी ठेकों की लाइव तस्वीरे सब कुछ बया कर रही है हालत यह है सरकारी आदेश के अनुसार सरकारी शराव की दुकाने दिन में १० बजे खुलना चाहिए लेकिन फर्रुखाबाद के सदर इलाके में सरकारी शराव के ठेके 24 घंटे खुले रहते है और बंद दुकानों के पीछे से खुला खेल शराव माफिया खुले आम चलाते है लेकिन इस पर जिले की आवकारी अधिकारियो को नजर नहीं जाती या फिर नजर ले जाने की जरुरत नहीं समझते।या यु कहे नजर न रखने की कीमत अधिकारियो के पास पहुँचती रहती है । वही जिले की सदर इलाके की पुलिस चौकियो के महज 100 मीटर दुरी पर मौजूद सरकारी शराब के ठेकों पर पुलिस भी आखे बंद किये हुए है
उत्तर प्रदेश में आये दिन शराब पीकर मौतों की खबरे आये दिन आती रहती है ।और जब प्रदेश में कोई बड़ी घटना सामने आ जाती है तो आवकारी विभाग अपनी कुम्भकरणी नीद से जाग जाता है लेकिन फर्रुखाबाद जनपद में जो कुछ चल रहा है वो सरकार और सरकारी ब्यबस्था पर सीधा सवाल खड़ा कर रही है की आज जिला प्रशसन बिना शह के यह सब कैसे चल रहा है आवकारी अधिकारी कहा है और पुलिस के कर्मी कहा है हालत फर्रुखाबाद जनपद के कोतवाली सदर इलाके तक़रीबन आधा दर्जन सरकारी ठेकों की लाइव तस्वीरे सब कुछ बया कर रही है हालत यह है सरकारी आदेश के अनुसार सरकारी शराव की दुकाने दिन में १० बजे खुलना चाहिए लेकिन फर्रुखाबाद के सदर इलाके में सरकारी शराव के ठेके 24 घंटे खुले रहते है और बंद दुकानों के पीछे से खुला खेल शराव माफिया खुले आम चलाते है लेकिन इस पर जिले की आवकारी अधिकारियो को नजर नहीं जाती या फिर नजर ले जाने की जरुरत नहीं समझते।या यु कहे नजर न रखने की कीमत अधिकारियो के पास पहुँचती रहती है । वही जिले की सदर इलाके की पुलिस चौकियो के महज 100 मीटर दुरी पर मौजूद सरकारी शराब के ठेकों पर पुलिस भी आखे बंद किये हुए है
बाराबंकी
में हुई मौतों के बाद जब चैनल की टीम ने सदर इलाके के सरकारी ठेकों पर
पड़ताल की तो हालत बेहद ही चौकाने बाले थे और सभी ठेकों पर सुबह से ही शराब
की अवैध बिक्री खुले आम हो रही थी लेकिन इसको देखने वाला कोई नहीं हालात यह
है ठेके आगे से तो बंद लेकिन या तो गेट से कटे हुए होल से शराब देने के
साथ दीवारों में होल बना कर सरकारी ठेकों पर बिक्री खुले आम चल रही थी
सरकारी ठेकों के यह हालात देख जिले की सरकारी ब्यबस्था पर सवाल उठाना तो
लाजमी है और जवाव देना भी जिला प्रशसन के लिए जरूरी । वही जब पुरे मामले पर
जिले के आवकारी अधिकारी संजय गुप्ता
से अवैध शराव पर सवाल किया गया तो बह जिले में अवैध शराब कारोबार न होने का
दावा करते हुए अपना पल्ला झाड लिए लेकिन कैमरे में कैद तस्विरो को नकारना
आवकारी विभाग के बेहद ही मुश्किल है
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