न्यूज़ डेस्क तहकीकात लखनऊ
भारतीय जनता पार्टी ने बसपा सुप्रीमो मायावती की शिकायत चुनाव आयोग से करते
हुए उनकी रैली व सभाओं पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की। भाजपा प्रत्याशी को
धमकाने और भाजपा में आतंकवादी भरे होने की बात करने वाली मायावती की पार्टी
की मान्यता निरस्त करने की भी मांग की। प्रदेश उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर एवं प्रदेश महामंत्री विद्यासागर सोनकर ने
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष लिखित शिकायत करते हुए कहा कि मायावती
मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद जैसे आतंक फैलाने वालों का संरक्षण करती रही
है और प्रदेश में तमाम गुण्डे, माफियाओं के साथ ही आतंक का पर्याय बने
अपराधी हाथी की सवारी कर भी चुके है और हाथी पर सवार भी है। मायावती जी को
चार चरणों के चुनाव से यह आभास हो चुका है कि उनके द्वारा बेचे गये टिकट 23
मई को रद्दी के टिकट बनने वाले है और यही कारण है कि मायावती जी ऊटपटांग
बयानबाजी भी कर रही है और भाजपा के प्रत्याशियों को धमका रही है। भाजपा ने
चुनाव आयोग में शिकायत करते हुए कहा कि मायावती जी द्वारा यह कहना कि भाजपा
में आतंकवादी भरे हुए है तथा भाजपा प्रत्याशी को आतंकवादी व उसे देख लेने
की धमकी देना आदर्श आचार संहिता के खिलाफ भी है और लोकतंत्र के विरूद्ध भी।
मायावती जी पर कठोरत्त कार्यवाही आवश्यक है। चुनाव आयोग में शिकायत करते
समय भाजपा चुनाव आयोग संपर्क विभाग के प्रदेश संयोजक अखिलेश कुमार अवस्थी
भी साथ रहे।
प्रदेश महामंत्री विद्यासागर सोनकर ने कहा कि कैसरगंज से भाजपा के
प्रत्याशी ब्रजभूषण शरण सिंह को खुली जनसभा में धमकाना आदर्श आचार संहिता
का खुला उल्लघन है और यह अपराधिक कृत्य भी है। श्री सोनकर ने कहा कि इससे
पूर्व भी मायावती जी देवबंद में मुसलमानों से वोट की अपील करने के मामले
में चुनाव आयोग द्वारा प्रतिबंधित की जा चुकी है। लेकिन फिर भी वह आचार
संहिता के नियमों को धता बताकर गैर कानूनी बयान दे रही है। मायावती जी का
विश्वास कभी भी लोकतंत्र में नहीं रहा और न ही उनका विश्वास बाबा साहब
आम्बेडकर के आदर्शो में रहा है। मायावती जी यदि बाबा साहब आम्बेडकर का
सम्मान करती तो वह संविधान का भी सम्मान करती और इसके साथ ही संवैधानिक
संस्थाओ का भी सम्मान करती। यहां तक ही मायावती जी ने बाबा साहब आम्बेडकर
को भू-माफिया कहने वालों का प्रचार तक किया, उनका न संविधान पर विश्वास है
और न ही संवैधानिक संस्थाओं पर और यही कारण है कि वह संवैधानिक संस्था
चुनाव आयोग की रोज धज्जियां उड़ा रही है।श्री राठौर ने मायावती जी के बयान की सीडी और लिखित में बयान की प्रति
चुनाव आयोग को सौंपते हुए कहा कि मायावती की सरकार में सत्ता संरक्षित
अपराध और सत्ता संरक्षित भ्रष्टाचार का जन्म हुआ। प्रदेश के सारे गुण्डे,
माफिया, अपराधियों को मायावती जी का संरक्षण मिला और आज माफियाओं को
संरक्षण देने वाली वही मायावती भाजपा पर आरोप लगा रही है। चार चरणों के बाद
आयी ग्राउण्ड रिपोर्ट यह साबित कर दिया है 2014 की तरह ही 2019 में बसपा
का कुल जोड़ शून्य ही होगा और यही मायावती जी की बौखलाहट भी है। इस बार तो
गठबंधन की आड़ मंे टिकटों की ब्रिकी से मायावती ने दौलत इक्कठी कर ली, लेकिन
आगे टिकटों के खरीददार भी मिलना मुश्किल हैै। भाजपा चुनाव आयोग से मांग
करती है कि बहुजन समाज पार्टी के विरूद्ध जनप्रतिनिधित्व अधिनियम तथा
भारतीय दण्ड संहिता की समुचित धाराओं के अंर्तगत मुकदमा दर्ज कराया जाये।
बहुजन समाज पार्टी की मान्यता तत्काल प्रभाव से निरस्त की जाये तथा मायावती
जी की रैलियों व सभाओं पर पूर्णता प्रतिबंध लगाया जाये।
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